छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

ऑनलाइन रजिस्ट्री में अव्यवस्था से किसान परेशान,दलालों का बोलबाला

जिला प्रशासन मुखबधिर होकर देखने को मजबूर*

*सारंगढ़ तहसील कार्यालय के रजिस्ट्री ऑफिस में अव्यवस्था का आलम**

**ऑनलाइन रजिस्ट्री में अव्यवस्था से किसान परेशान,दलालों का बोलबाला**

**जिला प्रशासन मुखबधिर होकर देखने को मजबूर**

सारंगढ़ खबर,सारंगढ़———प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों,गरीबो की समस्याओं को देखते हुए जमीनों की रजिस्ट्री में सर्वसुविधायुक्त करने के लिए नए नियम लागू किये है जो कि पूरे प्रदेश में प्रारम्भ हो चुका है,और ये नियम सराहनीय भी है जिससे गरीबो,किसानों को अपनी जमीन को घर बैठे रजिस्ट्री करने की सुविधा दिया गया है।पर कुछ छोटे स्थानों में इससे समस्या हो रही है।जैसे कुछ जगहों में दलाल सक्रिय हो गए है जिसमे सारंगढ़-बिलाईगढ़-ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर तहसील कार्यालय सारंगढ़ में भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया भले ही डिजिटल हो गई हो, लेकिन असल में किसानों और आम लोगों को इससे काफी परेशानी हो रही है। सुबह 11 से 12 बजे तक प्रामाणिकरण की औपचारिकताएं चलती हैं और उसके बाद ही रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होती है। इससे पहले ही लंबी कतार लग जाती है।दस्तावेज लेखकों की कमी है, और जो मौजूद हैं वे असिस्टेंट के भरोसे कार्य करा रहे हैं। कई दस्तावेज लेखक खुद उपस्थित नहीं होते, बल्कि अपने सहयोगियों के माध्यम से ही काम करवा रहे हैं। स्टांप वेंडर भी इसी राह पर हैं, वे खुद काउंटर पर नहीं बैठते, बल्कि अपने असिस्टेंट के जरिए स्टांप का काम करा रहे हैं। इस पूरे सिस्टम में दलाल सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे ईमानदार आमजन नियमों के जाल में फंसकर रह जाते हैं। बड़े हैरानी की बात है कि रजिस्ट्री कार्यालय में मॉनिटरिंग का अभाव है। तीन वर्ष पहले सभी दस्तावेज लेखकों और वेंडरों को आईडी कार्ड जारी किए गए थे, जिसे कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से पहनना था, लेकिन आज किसी के पास वह आई कार्ड नहीं है,और ना ही कोई इस नियम को पालन करते दिखाई दे रहा है। इसका फायदा दलाल उठा रहे हैं, जिन्हें अधिकारियों, बाबुओं के द्वारा जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। सारंगढ़ तहसील कार्यालय में अतिआवश्यक हो गया है कि दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों की गतिविधियों की जांच हो और उनका लाइसेंस भी अधिकारियों के द्वारा समय समय पर सत्यापित किया जाए। अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते आमजन दलालों के आगे बेबस हो चुके है और सारंगढ़ तहसील कार्यालय की व्यवस्था पूरी तरह लचर हो गई है। सारंगढ़ जिला प्रशासन को इस अव्यवस्था में तत्काल हस्तक्षेप कर पारदर्शिता लानी चाहिए।जिससे गरीब,मजदूर,किसान वर्ग को ऑनलाइन रजिस्ट्री करने में किसी प्रकार की कोई असुविधा ना हो और वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा किसानों,गरीबो,मजदूरों को जमीन रजिस्ट्री करने में जो सुविधा घर बैठे बनाया गया है वो सुचारू रूप से चल सके।
सूत्रों से पता चला है कि सारंगढ़ उपपंजीयक कार्यालय के अधिकारी हर रोज अपने गृह ग्राम से ही आकर अपना कार्य करते हैं और सुबह 11 बजे से पहले रजिस्ट्री का काम शुरू नहीं होता, जिससे जनता के बीच दलालों की भूमिका बढ़ गई है।तहसील में विभागों में लगे सीसीटीवी की नियमित जांच भी किसी बड़े अधिकारियों के द्वारा नहीं हो रही है, कोई आम व्यक्ति या तहसील का ही व्यक्ति जब बड़े अधिकारियों से शिकायत करता भी है तब भी कोई सुधार नही होता है ।प्रदेश के वित्त मंत्री के द्वारा समस्त तहसीलों में किसी भी प्रकार का लेन-देन करने पर पूरी तरह से रोक के आदेश करने के बावजूद सारंगढ़ तहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार अपने पूरे चरम पर है। सारंगढ़ की आमजनता लगातार मांग कर रही है कि तहसील कार्यालयों में बैठे कुछ छोटे कर्मचारियों और दलालो के द्वारा आमजनता को परेशान किया जा रहा है,जिसे सारंगढ़ एसडीएम और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के द्वारा सारंगढ़ तहसील कार्यालय की सख्त निगरानी की जाए और जिस किसी भी अधिकारी,कर्मचारियों की शिकायत मिलती है तो उन दोषियों पर प्रशासन के द्वारा तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।

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