सारंगढ़ लोक सेवा केंद्रों की खुली धांधली,गांव के नाम पर आईडी और काम नगर से
नियमों की उड़ रही धज्जियाँ: एक ही क्षेत्र में कई आईडी, रेट लिस्ट गायब, मनमानी वसूली जारी

*सारंगढ़ लोक सेवा केंद्रों की खुली धांधली,गांव के नाम पर आईडी और काम नगर से**
**छात्र और किसान बेहाल: आय, जाति, निवास के लिए नगर की दौड़**
**नियमों की उड़ रही धज्जियाँ: एक ही क्षेत्र में कई आईडी, रेट लिस्ट गायब, मनमानी वसूली जारी**
सारंगढ़ खबर,सारंगढ़——प्रदेश के हर जिले में शासन द्वारा ग्रामीणों की सुविधा के लिए लोक सेवा केंद्र की आईडी जारी कर उन्हें उनके ही गांव में आय, जाति, निवास जैसे 30 प्रकार की जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी। इसका उद्देश्य था कि ग्रामीण छात्रों और किसानों को तहसील मुख्यालय की दौड़ से मुक्ति मिले और वे अपने ही गांव में दस्तावेज़ प्राप्त कर सकें। लेकिन वर्तमान में यह योजना अपने उद्देश्यों से भटकती दिख रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के नाम पर जारी की गई लोक सेवा केंद्र की आईडी अब सारंगढ़ नगर से संचालित हो रही हैं। इससे न केवल शासन की सोच पर पानी फिर रहा है, बल्कि ग्रामीणों को फिर से पुराने दिनों की तरह भटकना पड़ रहा है।स्कूलों के खुलने का समय नजदीक है, और बड़ी संख्या में छात्र आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान हो रहे हैं। गांव में सुविधाएं नहीं मिल पाने के कारण उन्हें बार-बार नगर आना पड़ता है, जिससे समय, पैसा और ऊर्जा तीनों की बर्बादी हो रही है। शासन के नियमों के अनुसार जिस स्थान पर लोक सेवा केंद्र संचालित हो रहा है, वहां से कम से कम आधा किलोमीटर की दूरी पर दूसरी आईडी नहीं दी जानी चाहिए। लेकिन वर्तमान में एक ही क्षेत्र, खासकर तहसील कार्यालय और नगर के आसपास, में कई आईडी संचालित हो रही हैं, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।हाल ही में तहसील मुख्यालय के पास एक धोखाधड़ी का मामला भी सामने आया था, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। यह संकेत है कि नगर में संचालित कई कंप्यूटर दुकानों की भूमिका संदिग्ध है। इन दुकानों में रेट लिस्ट भी नहीं लगी होती, जिससे ग्रामीण लोग मनमाने दाम वसूले जाने का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि शासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान दे। जिला कलेक्टर और एसडीएम के द्वारा समय समय पर नगर सहित आसपास के लोक सेवा केंद्रों की सख्ती से जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे उसी ग्राम पंचायत क्षेत्र से संचालित हों रहे है कि नही, जिसके लिए आईडी प्रदान की गई है। साथ ही कंप्यूटर दुकानों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।तभी जाकर ग्रामीणों को उनके हक की सुविधाएं मिल सकेंगी और शासन की गांव में सरकार की अवधारणा सही मायनों में सफल हो सकेगी।




