जिला प्रेस क्लब ने किया एसडीओ अमिता गुप्ता की शिकायत कलेक्टर और वन मंत्री से,कार्यप्रणाली निष्क्रिय*
अमिता गुप्ता जैसे निष्क्रिय अधिकारी के कारण पूरा विभाग हो रहा बदनाम

**जिला प्रेस क्लब ने किया एसडीओ अमिता गुप्ता की शिकायत कलेक्टर और वन मंत्री से,कार्यप्रणाली निष्क्रिय**
- **अमिता गुप्ता जैसे निष्क्रिय अधिकारी के कारण पूरा विभाग हो रहा बदनाम**
सारंगढ खबर न्यूज सारंगढ——–सारंगढ वन विभाग एसडीओ (सामान्य) अमिता गुप्ता के खिलाफ जिला प्रेस क्लब सारंगढ़ ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है। पत्रकारों का आरोप है कि एसडीओ वन ने उनसे अभद्र व्यवहार करते हुए पुलिस बुलाने धमकी दी है।पत्रकारों ने रास्ते मे कटे हुए पेड़ो को कोई भी लेकर चला जा रहा है जो सामान्य वन विभाग और राजस्व के अंतर्गत आ रहा है जिसकी जानकारी देने दुरभाष से बताने फोन किया गया था जिस पर अधिकारी के द्वारा फोन नही उठाया गया।पूर्व में भी एसडीओ को कई बार फोन किया गया था साथ ही वाट्सएप पर मैसेज भी किया गया है,परंतु अधिकारी के द्वारा कोई भी प्रतिक्रिया व्यक्त नही किया गया।तत्पश्चात उनके कार्यालयीन समय पर ऑफिस जाकर बात किया तब उनके द्वारा फोन क्यो उठाउंगी,आप मेरे कौन लगते है,मेरा मन मुझे किसका फोन उठाना है,व पुलिस बुलाने की धमकी,जैसे गंदे शब्दो का उपयोग किया गया।सूत्रों से पता चला है कि पूर्व में एसडीओ अमिता गुप्ता के द्वारा क्लब के ही स्थानीय पत्रकारों से अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया जा चुका है जिसकी शिकायत प्रदेश स्तर के नेता और जिला कलेक्टर से किया गया था,जिस पर यही एसडीओ अमिता गुप्ता के द्वारा पत्रकारों के सामने अपनी गलती मानते हुए सॉरी जैसे शब्दों का उपयोग किया गया था। पता चला है कि एसडीओ अमिता गुप्ता जल्द ही वनमंडल अधिकारी के रूप पदोन्नत होने वाली है,तो क्या ऐसे बेलगाम और चिड़चिड़ी अधिकारी डीएफओ के रूप में अच्छे से काम कर सकती है,जो पत्रकारों,जनप्रतिनिधियों और आमजनता की बात तक नही सुनती।ऐसे घमंडी और चिड़चिड़ी अधिकारी के ऊपर शासन,प्रशासन को कड़ी कार्यवाही करते हुए तत्काल निलंबित कर देना चाहिए जो अपने से बड़ा किसी अधिकारी को नही समझती।जब इनके द्वारा पत्रकार को अभद्रता पूर्वक बोला गया तब पत्रकार ने इनकी शिकायत डीएफओ और कलेक्टर से करने की बात कही जिस पर एसडीओ द्वारा बोला गया कि जाओ जिसको शिकायत करना है कर लो।बताया जा रहा है कि कई बार पत्रकारों द्वारा विभागीय जानकारी लेने पर अधिकारी द्वारा न तो सही जवाब दिया गया और न ही सहयोग किया गया। प्रेस क्लब का कहना है कि यह आचरण लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रति असम्मानजनक है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्लब ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर को कर दिया है और जल्द ही शिकायत वन मंत्री से भी किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी के व्यवहार में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।ऐसे ही निष्क्रिय अधिकारी के कारण पूरा विभाग बदनाम होता है जिसका खामयाजा बड़े स्तर के अधिकारी को उठाना पड़ता है।
सारंगढ वन विभाग सामान्य में पदस्थ एसडीओ अमिता गुप्ता महिला अधिकारी होने का फायदा उठा रही है व उनके द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लगातार गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाया जा रहा है
1- विभागीय विषयों पर कोई भी जानकारी मांगने पर उपलब्ध नहीं कराई जाती।
2-फोन कॉल व शिकायतों का उत्तर नहीं दिया जाता।
3-आमजन, जनप्रतिनिधि एवं पत्रकारों से अभद्र भाषा और कठोर शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
4-कार्यालय समय में अधिकारी प्रायः अपने चेम्बर में मोबाइल पर व्यस्त रहती हैं व नागरिकों व पत्रकारो का भी फ़ोन नही उठती।
5-शिकायतकर्ता, आम नागरिक एवं जनप्रतिनिधि घंटों इंतजार करते रहते हैं, लेकिन उन्हें उचित जवाब नहीं मिलता।
इस प्रकार का व्यवहार न केवल शासन-प्रशासन की छवि धूमिल कर रहा है, बल्कि आमजन में असंतोष भी व्याप्त हो रहा है।
ऐसे निष्क्रिय अधिकारी के विरुद्ध शीघ्र जांच कर कठोर विभागीय कार्यवाही की जाए, जिससे आमजन को न्याय मिल सके और विभाग की गरिमा बनी रहे।
**वन विभाग सामान्य क्षेत्र बरमकेला में तेंदुए का हुआ था शिकार**
**करंट प्रवाहत तार की चपेट में आने से मौत**
बीते कुछ दिनों पूर्व सारंगढ़ बरमकेला सामान्य के जंगल में एक तेंदुआ की लाश मिली थी जो करेंट लगने से तेंदुए की मौत हुई थी।
मिली जानकारी के मुताबिक 12 जनवरी की सुबह पैकिन सामान्य जंगल कक्ष क्रमांक 1101 पीएफ में एक नर तेंदुआ की लाश देखी गई। जब इसकी जानकारी वन अमला को लगी तो वन कर्मी मौके पर पहुंचे और आनन फानन में आगे की कार्रवाई की गई। तेंदुआ के शव का पंचनामा कर उसका पोस्टमार्टम कराया गया, सूत्रों की माने तो करंट तार की चपेट में आने से उसकी मौत होने की संभावना जताई गई थी जो कि सही था।
**बीटगार्ड को किया गया था सस्पेंड**
बताया जा रहा है कि तेंदुआ की मौत के मामले को लेकर पैकिन बीटगार्ड मनमोहन बरिया को सस्पेंड किया गया था।जबकि निष्क्रिय सामान्य की एसडीओ अमिता गुप्ता के ऊपर कार्यवाही करने की जरूरत थी।बड़े अधिकारियों की गलती का खामियाजा छोटे कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है।उस समय एसडीओ की निष्क्रिय कार्यप्रणाली के कारण लुप्त प्रजाति के तेंदुए की मौत शिकारियों द्वारा करेंट से लगाये जाने से हुई थी जिसकी पुष्टि नही किया गया था। विभागीय जानकारों का कहना था कि जब रेंज प्रभारी मौत होने की जांच कर रहे हैं, तो बीटगार्ड पर कार्रवाई करने की इतनी जल्दबाजी समझ से परे है। इससे मामला संदिग्ध नजर आ रहा है।
इस संबंध में सारंगढ़ रेंजर सेवकराम बैगा के द्वारा बताया गया था कि 12 जनवरी की सुबह तेंदुआ की मौत की सूचना मिली थी। मौके पर जा कर आगे की कार्रवाई की गई है। नर तेंदुआ की उम्र करीब 3 साल होगी।आनन फानन में छोटे कर्मचारी को दिखावे के लिए बीटगार्ड बरिहा को सस्पेंड कर दिया गया था।इससे साफ पता चलता है कि एसडीओ अमिता गुप्ता की कार्यप्रणाली पूरी तरह से निष्क्रिय है, इनकी निष्क्रियता के कारण सामान्य वन क्षेत्र में अवैध रूप से लगातार पेड़ो की कटाई,वन भूमि पर अवैध कब्जा और जंगली जानवरों का शिकारियों द्वारा करेंट लगा कर शिकार किया जाता रहा है,जो वन विभाग के अधिकारी पर एक प्रश्न चिन्ह लगाता है।अब देखने की बात ये है कि इस चिड़चिड़ी अधिकारी और शासन प्रशासन क्या कार्यवाही करती है।



