सारंगढ सहकारिता विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल: विवादितों को बनाया प्रबंधक**
थाना में शिकायत होने वाले सभी सोसायटी प्रबंधकों के ऊपर हो कड़ी कार्यवाही-- रवि तिवारी
*सारंगढ सहकारिता विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल: विवादितों को बनाया प्रबंधक**
**शिकायतों के बाद भी कार्रवाई ठप**
**जिला कलेक्टर और मंत्री से होगी जल्द शिकायत**
**थाना में शिकायत होने वाले सभी सोसायटी प्रबंधकों के ऊपर हो कड़ी कार्यवाही– रवि तिवारी
सारंगढ़ खबर न्यूज,सारंगढ—-सारंगढ जिला कुछ वर्षों से धान खरीदी में व सोसायटी प्रबंधकों द्वारा लाखो करोड़ो के घपला करने मामले में पूरे प्रदेश में अपना एक अलग पहचान बना चुका है।सारंगढ जिले में कुछ वर्षों से धान केंद्रों में बड़े रूप से धांधली व घपला देखने को मिला है जिसमे सर्वप्रथम धान सोसायटी गाताडीह,कोसीर,जशपुर,छिंद,दानसरा,सालर,उलखर,हरदी और अभी हाल ही का ताज़ा मामला धान सोसायटी कनकबीरा,बोहराबहाल के समिति प्रबंधक निराकार पटेल व उनके समिति के द्वारा लाखो रुपयों का गबन करने का मामला सामने देखने को मिला है जिसमे समिति प्रबंधक निराकार पटेल को जेल भी भेजा गया था।अब फिर से निराकार पटेल ने प्रशासन व सहकारिता विभाग में अर्जी लगाई है कि उनको फिर से सोसायटी प्रबंधक बनाया जाये। सारंगढ में धान खरीदी प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए सबसे प्रथम श्रेणी में सालर धान सोसायटी प्रबंधक नरेश जायसवाल जिनके नाम पर सारंगढ सिटी कोतवाली में 420 का केस दर्ज है,व साथ हाईकोर्ट में मामला चल रहा है।क्षेत्र के कई बेरोजगार युवाओं को नॉकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपयों का लेनदेन किया गया था।तो वही दानसरा केंद्रों में ऐसे लोगों को प्रबंधक बनाकर बैठा दिया गया है, जिन पर खुद गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। तो वही सुनने को मिल रहा है कि राकेश वर्मा ने सहकारिता विभाग के अधिकारी को पत्र लिख कर धान सोसायटी खैरा बड़े में प्रबंधक बनाने की मांग की है।अगर ऐसे ही गबन करने वाले समिति प्रबंधकों को शासन,प्रशासन और सहकारिता विभाग के अधिकारीयो के द्वारा मौका दिया जाता रहेगा तब तक ऐसे ही अपराधी तत्व के प्रबंधक अपनी जेब भरते रहेंगे और किसानों के मेहनत का पैसा इनकी जेब मे जाते रहेगी।क्षेत्र में ऐसे आपराधिक मामले से जुड़े होने वाले हर धान समिति के कर्मचारियों पर इससे न सिर्फ किसानों में आक्रोश है, बल्कि प्रशासन और सहकारिता विभाग की मंशा पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
**नरेश जायसवाल पर बेरोजगारों से 420 ठगी का केस है दर्ज**
सारंगढ के सालर धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक बनाए गए नरेश जायसवाल पर बेरोजगार युवाओं को नौकरी लगाने के नाम पर 420 ठगी करने का अपराध कोतवाली थाना में पंजीबद्ध है। इसके बावजूद उन्हें विभाग के बड़े अधिकारियों के द्वारा बड़ी राशि लेकर धान खरीदी केंद्र जैसी संवेदनशील व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंप दी गई।समिति प्रबंधक ने भाजपा के वर्तमान जनपद सदस्य साहू दानसरा के साथ लाखो रुपये लेकर 420 किया था जिसकी शिकायत भी किया गया जिससे सालर समिति प्रबंधक नरेश जायसवाल के ऊपर पुलिस ने कार्यवाही किया था।ऐसे शातिर अपराधी को धान सोसायटी जैसे संवेदनशील जगह के प्रबंधक पद से हटा कर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए,पर सारंगढ जिले में लगभग धान सोसायटियों में अपराधी और फर्जी प्रबंधकों को फिर से बैठाया जा रहा है जिसके कारण शासन प्रशासन को हर वर्ष लाखो करोड़ो रुपयों का नुकसान उठाना पड़ता है और जिले के शातिर और चालाक सोसायटी प्रबंधक आसानी से बच जाते है।
**संतोष श्रीवास पर धान खरीदी केंद्र में जुआ खिलाने का आरोप**
दानसरा के प्रबंधक संतोष श्रीवास के खिलाफ धान खरीदी केंद्र में जुआ खेलने और लोगों को जुआ खिलवाने का मामला दर्ज है। यह वह स्थान है जहां किसानों की मेहनत की फसल तौली जाती है, और उसी केंद्र पर जुए का अड्डा चलाना विभाग की निगरानी पर बड़ा सवाल है।
**शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं:**
विवादित प्रबंधकों को लेकर कई बार शिकायत हो चुका है लेकिन विभाग के अधिकारियों के कान में जु तक नही रेंग रहा है,ऐसे अपराधियो के ऊपर अभी तक न तो कार्रवाई हुई, न ही प्रबंधकों को हटाने की कोई भी पहल विभाग द्वारा अभी तक नही दिखी है। कोतवाली में अपराध दर्ज होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की चुप्पी प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि किसी ऊपर तक की मेहरबानी का संकेत देती है।
*सहकारिता विभाग पर उठ रहे सबसे बड़े सवाल:*
– धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में विवादित और आरोपित व्यक्तियों की नियुक्ति किसके निर्देश पर हुई?
– शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करना क्या भ्रष्टाचार संरक्षण का संकेत है?
– किसानों की मेहनत और सुरक्षा से खिलवाड़ क्यों?
किसानों स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि तुरंत इन प्रबंधकों को हटाकर निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को सुरक्षित व निष्पक्ष वातावरण मिल सके।



