*सारंगढ खबर का हुआ असर,,स्वास्थ्य विभाग द्वारा नंदा चौक में सर्वे शुरू,,टंकी की भी साफ सफाई

**सारंगढ खबर का हुआ असर,,स्वास्थ्य विभाग द्वारा नंदा चौक में सर्वे शुरू,,टंकी की भी साफ सफाई**
*बदबूदार पानी से बढ़ा नगर में पीलिया का खतरा!**
**नंदा चौक में हालात चिंताजनक, उबालकर पानी पीने की अपील**
सारंगढ़ खबर न्यूज,सारंगढ—–। जिले में पीलिया के बढ़ते मामलों के बीच शहर के नंदा चौक और अकबर गंज क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में बोर से निकल रहा पानी बदबूदार बताया जा रहा है, जिसके कारण नागरिकों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई रहवासियों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन से शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है और लोग मजबूरी में उसी पानी का उपयोग करने को विवश हैं। नगर में जलस्रोतों की स्वच्छता और पेयजल गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय-समय पर जलस्रोतों की सफाई, जांच और निगरानी सुनिश्चित की जाए तो जलजनित बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वर्तमान परिस्थिति में दूषित पानी की आशंका के चलते लोगों में पीलिया सहित अन्य बीमारियों का डर बना हुआ है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने भी एहतियात बरतने की सलाह दी है।सीएमएचओ डॉ निराला और सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, पानी को उबालकर ही पिएं और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को आंखों या त्वचा में पीलापन, कमजोरी, उल्टी, बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर स्वास्थ्य जांच कराएं, ताकि समय पर उपचार मिल सके। विशेषज्ञों के अनुसार दूषित जल का सेवन पीलिया जैसी जलजनित बीमारियों का प्रमुख कारण हो सकता है, इसलिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और जल गुणवत्ता की नियमित जांच अत्यंत आवश्यक है। वहीं नागरिकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि नंदा चौक, अकबर गंज, पैलपारा सहित प्रभावित क्षेत्रों में जल की गुणवत्ता की जांच, टंकियों की सफाई और वैकल्पिक स्वच्छ पेयजल व्यवस्था जैसे कदम प्राथमिकता से किए जाएं, ताकि जनस्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।फिलहाल प्रशासनिक निगरानी और स्वास्थ्य विभाग की अपील के बीच लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है, जिससे किसी को अनावश्यक परेशानी न हो और स्थिति पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।




