राम युग में दूध मिले, कृष्ण युग में घी, गुड़ेली पंचायत में दारू मिले कूद कूद के पी*
एसपी से शिकायत करने पर भी नहीं सुधरे, क्षेत्र की महिलाओं ने खुलकर विरोध किया

*राम युग में दूध मिले, कृष्ण युग में घी, गुड़ेली पंचायत में दारू मिले कूद कूद के पी*
*एसपी से शिकायत करने पर भी नहीं सुधरे, क्षेत्र की महिलाओं ने खुलकर विरोध किया**
सारंगढ़ खबर,सारंगढ़—–कुछ दिनों पूर्व ग्राम पंचायत गुड़ेली क्षेत्र की महिलाओं ने गुडेली में महुआ शराब बिक्री पर सारंगढ़ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर शिकायत किया था कि गुडेली पंचायत में कोचियों के द्वारा लगातार महुआ शराब खुले रूप से बेचा जा रहा है जिसका विरोध गांव की महिलाएं कर रही है। लेकिन गांव में शराब कोचियों पर इस शिकायत का कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला है कुछ लोगों के अभी भी हौसले इतने बुलंद है कि शासन प्रशासन का कोई डर ही नहीं दिख रहा।, एक तरफ जहर समान कच्चा महुआ शराब तो दूसरा तरफ छोटे छोटे बच्चे का भविष्य। अगर कोई व्यक्ति लगातार महुआ शराब का सेवन करता है तो उसका शरीर कुछ महीने में ही बदल जाता है और पहले से काफी कमजोर हो जाता है मगर ये बात को बेचने वाले महुआ तस्कर समझने का नाम नही ले रहे। ये उनका धंधा बन गया है। बाकी लोगों से उनको कोई मतलब नहीं। अगर गुड़ेली का ऐसे ही हाल रहा है तो देखते ही देखते युवा वर्ग और कई लोगों को अपने जान से हाथ धोना पड़ेगा। बाकी गांव की महिलाओं ने एसपी से शिकायत कर दी है।गुड़ेली पंचायत को पूरी तरह से नशा मुक्त बनना चाहती है । सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के नए एसपी से महिलाओं को काफी आशा जुडी हुई है और उचित कार्यवाही का विश्वास है । लेकिन गुड़ेली के सरपंच उपसरपंच खुल के इनके साथ नहीं दे रहे, अगर पंचायत महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर अवैध महुआ शराब को रोकती है तो कोई बहुत बड़ी बात नहीं है जो की पंचायत से अभी कोई सहयोग नहीं हुआ । पंचायत पीछे और महिलाएं आगे जाकर खुलकर विरोध कर रहे हैं। जिस तरह से महिलाओं ने कदम उठाया है इससे साफ प्रतीत होता है कि गुडेली में अवैध महुआ शराब पूरी तरह से बंद हो जाएगा ।
*महिलाओं को चिंता, छोटे बच्चे नशे में , गाँव में अशांति का माहौल,अपराध का डर*
गुडेली मैं छोटे-छोटे बच्चे नशे में धुत है महिलाओं को इस विषय पर काफी चिंता गांव में अपराध का डर तथा गांव में शांति नहीं होने से नशे के हालात में लड़ाई झगड़ा जैसे माहौल बना रहता है । अगर पूरी तरह से नशा बंद हो जाता है तो महिलाओं का एक बड़ी चिंता दूर हो जाएगी और आने वाले पीढ़ी को नशा मुक्त जीवन जीने का आनंद मिलेगा । गुड़ेली में जिस हिसाब से नशा का दौर चल रहा है जिसको रोकना बेहद जरूरी हो गया है। गांव के युवा वर्ग पूरी तरह से नशा करने के आदि हो चुके है और नशा करने के लिए अपने ही घरों से चावल, सोना, चांदी बेच कर नशे का आदी बन चुके हैं,जिन्हें रोकना अत्यंत आवश्यक हो गया है।



