सारंगढ़-बिलाईगढ़खनिज विभाग सारंगढ़

गुडेली टिमरलगा स्थित मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग का लीज खदान बंद,पर रॉयल्टी चालू

माँ नाथलदाई क्रेशर के खसरा. नं 1146/1,1147/1,1148/1,1146/1147/2,1148/2 कूल रकबा 0.720हे. पर कितना मिला रॉयल्टी*

गुडेली टिमरलगा स्थित मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग का लीज खदान बंद,पर रॉयल्टी चालू**

**माँ नाथलदाई क्रेशर के खसरा. नं 1146/1,1147/1,1148/1,1146/1147/2,1148/2 कूल रकबा 0.720हे. पर कितना मिला रॉयल्टी*

सारंगढ़ खबर,सारंगढ़——नवीन जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत टिमरलगा में ऐसे कई खदान क्रेशर है जो पूरी तरह से अवैध है, ऐसे ही एक लीज खदान है मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग जो लीज चुना खदान का दावा करता है कि अपने ही चिन्हित जगह पर खनन किया जा रहा है और 08- 08- 2011से अब तक मतलब 1146/1, 1147/1,1148/1,1146/1147/2,1148/2 कूल रकबा 0.720हे. है। सूत्रों से पता चला है कि लगभग 14 सालों से अब तक एक ही जगह पर खनन किया गया लेकिन ये सब सरकारी कागजात पर ही सही है चिन्हित जगह पर अगर खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण किया जाए तो पूरी तरह से अवैध पाया जायेगा। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि लगभग 14 सालों से खनिज विभाग द्वारा बिना कोई निरीक्षण किए उसी जगह पर बार-बार रॉयल्टी कैसे जारी किया जा रहा हैं । इससे साफ प्रतीत होता है कि बिना खनिज विभाग के मिलीभगत से इतना बड़ा अवैध काम नहीं किया जा सकता। सालों से रॉयल्टी का अवैध धंधा,सालों से रॉयल्टी का हेरा फेरी का काम चल रहा है । विभाग में बैठे अधिकारी किसी भी तरह से जांच करना जरूरी नहीं समझते। कितना खनन हुआ कितना रॉयल्टी दिया गया ये सब जांच का विषय है।

*माँ नाथलदाई क्रेशर द्वारा गुडेली टिमरलगा से अवैध पत्थर की खरीदी**

*एस डी एम एवं कलेक्टर से मां नाथलदाई क्रेशर के चुना पत्थर उत्खनी पट्टा स्वीकृत पर जांच करने की शिकायत जल्द**

मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग द्वारा अपने स्वीकृत उत्खनी पट्टा से कितने भंडारण क्रेशरो को विक्रय किया गया इसकी शिकायत बहुत जल्द जिला कलेक्टर को किया जाएगा।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के नए कलेक्टर और सारंगढ़ के एसडीम से क्षेत्र की जनता आशा लगाये हुए है कि ऐसे अवैध चुना पत्थर उत्खनी पट्टा स्वीकृत संचालकों के ऊपर जांच कर कड़ी कार्यवाही कर के राजस्व को जो हानि पहुंचा चुके है उसकी वसूली करे ताकि आने वाले समय में ऐसा कोई खनन माफियाओं का हौसले बुलंद न हो। मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग जो कि नियमानुसार अपने लीज को छोड़ कर गुड़ेली टिमरलगा से अवैध तरीके से पत्थर खरीद रहा है और अपने नाम का रॉयल्टी चला रहा है। खनिज विभाग मिलीभगत से आज लगभग 14 सालों से रॉयल्टी प्राप्त कर मार्केट में चला रहा है। खनिज विभाग द्वारा मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग को बार बार रॉयल्टी जारी कर रहा हैं, तो खनिज विभाग को बदले में क्या, फीस चार्ज करता है मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग? सूत्रों का दावा है रॉयल्टी कि प्रति एक टन में ₹25 का चार्ज लगता है। अब 08-08- 2011 से अब तक कितना रॉयल्टी टन मिला और खनिज विभाग को मलाई खिलाई गई। और ये खेल 2041 तक चलेगा क्यों कि खनिज विभाग से मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग को 07-08-2041तक का चुना पत्थर उत्खनी पट्टा स्वीकृत प्रदान किया गया है। साथ ही साथ मां नाथलदाई क्रेशर उद्योग द्वारा खनिज चुना पत्थर उत्खनन कर कितने भंडारण क्रेशरो को विक्रय करने का सहमती प्रदान किया गया है,इसकी भी जानकारी लेने जिला प्रशासन को जल्द ही लिखित शिकायत किया जायेगा।

**गुडेली टिमरलगा क्षेत्र में संचालित समस्त पत्थर खदानों की विस्तृत जांच कराने निम्न बिंदुओ की शिकायत जल्द**

जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हों:

1. खदानों से कितनी मात्रा में पत्थर निकाली गई, उसका क्रेशर प्रोडक्शन और रॉयल्टी रिकॉर्ड से मिलान किया जाए।

2. रॉयल्टी का सही आंकलन कर भ्रष्टाचार की संभावना की जांच की जाए।

3. खनिज परिवहन करने वाली समस्त गाड़ियों की सूची बनाई जाए – किस दिन कौन-सी गाड़ी, कितनी मात्रा में खनिज लेकर कहाँ गई, इसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।

4. उन क्रेशर संचालकों की जांच की जाए जो खुद की खदान के बिना अवैध पत्थर का उपयोग कर रहे हैं।

यह जांच जनहित, राजस्व हानि की रोकथाम और पारदर्शिता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button