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कलेक्टर निवास के सामने ‘चंगाई सभा’ पर बवाल

*कलेक्टर निवास के सामने ‘चंगाई सभा’ पर बवाल: धर्मांतरण के आरोपों से सुलगा मोहल्ला, पुलिस जांच के घेरे में पूरा मामला”*

 


सारंगढ़-बिलाईगढ़ । नगर के मोचीपारा इलाके में सोमवार को उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब कलेक्टर निवास के सामने स्थित एक घर में आयोजित कथित चंगाई सभा को लेकर मोहल्लेवासियों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सभा के दौरान प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के प्रयास किए जा रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार 15 जून 2026 को सुखबाई मिरी के निवास में कुछ बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी में धार्मिक सभा आयोजित की जा रही थी। मोहल्ले के कुछ निवासियों का दावा है कि इस दौरान लोगों को बुलाकर उन्हें दूसरे धर्म को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए और विरोध जताया।स्थिति उस समय और गरमा गई, जब दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ने लगी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया और गाली-गलौज की नौबत तक आ गई। हालांकि, किसी बड़े टकराव से पहले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात को काबू में कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मौके से कुछ धार्मिक पुस्तकें और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि बाहर से आए कुछ लोगों की पहचान की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सभा का स्वरूप क्या था और क्या इसमें किसी प्रकार का अवैध कृत्य शामिल था। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इस तरह की सभाओं की सूचना पहले भी पुलिस को दी गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से इस बार लोगों में नाराजगी ज्यादा देखने को मिली। विरोध कर रहे नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई होती, तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती। वहीं, दूसरी ओर संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों को खारिज किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में मामला पूरी तरह से जांच पर निर्भर हो गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के अवैध धर्म परिवर्तन, जबरन दबाव या प्रलोभन से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही, यह भी कहा गया है कि बिना तथ्यों की पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने शहर के संवेदनशील माहौल को झकझोर दिया है। कलेक्टर निवास के पास इस तरह के आरोप सामने आना प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है।अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी।
फिलहाल एक बात साफ है—आरोप गंभीर हैं, माहौल संवेदनशील है और सच सामने लाना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है।

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