Bilaspur

प्रतिबंध के बाद भी बोर खनन.बोरवेल मशीन जब्तः

बिलासपुर में पेयजल संकट; प्रशासन ने खनन पर लगाया है बैन

प्रतिबंध के बाद भी बोर खनन.बोरवेल मशीन जब्तः

बिलासपुर में पेयजल संकट; प्रशासन ने खनन पर लगाया है बैन

बिलासपुर

तहसीलदार ने जब्त कराया बोरवेल मशीन ।

बिलासपुर में बिना अनुमति कोनी-सरकंडा इलाके में बोर खनन कर रहे बोरवेल मशीन को राजस्व विभाग ने जब्त कर लिया है। दरअसल, जिले में पेयजल संकट और गिरते जल स्तर को देखते हुए कलेक्टर ने बोर की खनन पर प्रतिबंध लगाया है।

तहसीलदार मुकेश देवांगन ने बताया कि कोनी-सरकंडा क्षेत्र में बिना प्रशासनिक अनुमति बोरिंग कराए जाने की शिकायत मिली, जिस पर गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर जांच के लिए भेजा गया। यहां कोनी से बिरकोना मार्ग पर अमित दुबे अपनी निजी जमीन पर बोरिंग करवा रहा था।

प्रशासनिक अनुमति नहीं, इसलिए की कार्रवाई

बोर कराने के लिए उसने न तो प्रशासन को पूर्व में कोई सूचना दी गई थी और न ही अनुमति ली थी। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन था। ऐसे मामलों में भूजल दोहन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। SDM के निर्देश पर टीम ने बोरिंग मशीन को जब्त कर लिया। साथ ही बोरवेल मशीन को कोनी थाने को सौंपा गया है। प्रशासन ने ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सरकारी बोर के लिए अनुमति जरूरी नहीं

कलेक्टर ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि जिले में बोर खनन प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि, आदेश में सरकारी कार्य और जनहित के लिए कराए जाने वाले बोर के लिए अनुमति जरूरी नहीं है। लेकिन, इसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति होना आवश्यक है। वहीं, जरूरी होने पर प्राइवेट बोर के लिए संबंधित अधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक है।

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