एसपी विहीन सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अपराध बेलगाम*

**एसपी विहीन सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अपराध बेलगाम*
सारंगढ़-बिलाईगढ़। कभी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का लोकसभा क्षेत्र रहा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला आज कानून व्यवस्था के मोर्चे पर बुरी तरह लड़खड़ाता नजर आ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि जिला महीनों से स्थायी पुलिस अधीक्षक के बिना ही चल रहा है और अपराधियों के हौसले आसमान छू रहे हैं।जनता के बीच साफ चर्चा है—यह जिला फिलहाल ‘भगवान भरोसे’ चल रहा है। पूर्व एसपी आंजनेय वार्ष्णेय के डेपुटेशन पर जाने के बाद से अब तक नए एसपी की पदस्थापना नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। शीर्ष स्तर पर नेतृत्व का अभाव सीधे तौर पर जमीनी हालात में दिखाई दे रहा है। हत्या, मारपीट, चोरी और लूट जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले पुलिस की सक्रियता और पकड़ नजर आती थी, लेकिन अब शिकायत दर्ज कराने से लेकर कार्रवाई तक में देरी आम बात हो गई है। कई मामलों में पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों का भरोसा पुलिस व्यवस्था से कमजोर पड़ता दिख रहा है। जिले की पूरी कानून व्यवस्था फिलहाल महिला अधिकारियों के कंधों पर टिकी हुई है। महिला एएसपी, महिला डीएसपी और महिला एसडीओपी सीमित संसाधनों में हालात संभालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बिना स्थायी एसपी के मजबूत नेतृत्व के यह जिम्मेदारी और भी भारी हो गई है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक कमजोरी को उजागर करती है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। नगरवासियों के बीच अब रायगढ़ जैसी सख्त पुलिसिंग की मांग तेज हो गई है। लोग चाहते हैं कि जिले में भी कड़ा और प्रभावी नेतृत्व आए, जिससे अपराध पर लगाम लगे और जनता को राहत मिले। कई लोगों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ही सक्षम एसपी की नियुक्ति नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।राजनीतिक रूप से अहम इस जिले में कानून व्यवस्था की यह स्थिति चौंकाने वाली है। सवाल उठता है कि जिस क्षेत्र का कभी इतना महत्व रहा, वहीं आज सुरक्षा व्यवस्था क्यों चरमरा रही है? यह मुद्दा अब केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के बीच भी चर्चा का विषय बन चुका है।
कुल मिलाकर,सारंगढ़-बिलाईगढ़ इस वक्त एक मजबूत, सख्त और निर्णायक पुलिस नेतृत्व की सख्त जरूरत महसूस कर रहा है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो हालात बेकाबू होने में देर नहीं लगेगी।



