
छत्तीसगढ़ की कमान दिल्ली-नागपुर के हाथ में’, बृजमोहन-IAS विवाद पर पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला, लगाया यह आरोप
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और आईएएस अमित कटारिया का विवाद राजनीतिक रंग लेने लगा है। बताया जाता है कि सांसद अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव कटारिया पर फोन पर आपत्तिजनक व्यवहार करने की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से की है। लोकसभा सचिवालय भी इसकी जानकारी ले रहा है। इन सबके बीच इस विवाद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की कमान दिल्ली और नागपुर के हाथ में है। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल संसदीय मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि उन मतदाताओं का भी अपमान है जिन्होंने उन्हें चुनकर संसद भेजा है।
बघेल बोले- जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार मतदाताओं का अपमान
बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि बृजमोहन अग्रवाल से वैचारिक असहमतियां हो सकती हैं. लेकिन वे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा के सदस्य हैं। रायपुर राजधानी के सांसद हैं। उनके साथ एक प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह का बर्ताव दर्शाता है कि प्रदेश की कमान दिल्ली और नागपुर के हाथ में हैं। इसलिए किसी अधिकारी को जनता के काम और जनप्रतिनिधि की मांग से कोई फर्क नहीं पड़ता। वे बस दिल्ली और नागपुर को खुश करके अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं।
यह है मामला
बताया जाता है कि सांसद से जनहित से जुड़े कई मामलों में पत्रचार किया है, लेकिन उनका जवाब नहीं आता था। उन्होंने इस मामले में उच्च अधिकारियों से बात की। इसके बाद स्वास्थ्य सचिव से फोन पर चर्चा हुई। सांसद की शिकायत के मुताबिक इस दौरान सचिव का व्यवहार सम्मानजनक नहीं था। सांसद से इसे संवैधानिक मूल्यों, संसदीय प्रोटोकॉल और प्रशासनिक आचरण के खिलाफ बताया और इसकी शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से करते हुए इसे विशेषाधिकार समिति में भेजने का अनुरोध किया है।



