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सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस के साइबर जागरूकता अभियान से 7,342 लोगों ने सीखे डिजिटल फ्रॉड से बचने के उपाय।

 

 

🔶सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस के साइबर जागरूकता अभियान से 7,342 लोगों ने सीखे डिजिटल फ्रॉड से बचने के उपाय।

🔶आज जिले के करीब 101 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

🔶शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का झांसा देने वाले फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स से दूर रहने की अपील की गई।

🔶आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक से सावधान रहने की हिदायत दी गई।

🔶साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस के दिशानिर्देशों में चल रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के चौथे चरण के तहत आज एक विशेष जन-अभियान चलाया गया। आगामी 02 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान का यह चौथा हफ्ता विशेष रूप से *स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउज़िंग* पर केंद्रित है। इसी थीम के तहत आज जिले के सभी थानों, चौकियों, ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों और कॉलेजों समेत लगभग 101 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर 7,342 नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने बताया कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराधी नए-नए पैंतरों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। साथ ही, इन खतरों से निपटने के लिए पुलिस ने कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

*आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक का जाल*

ठग अब एआई तकनीक के जरिए आपके किसी करीबी की आवाज या वीडियो को हूबहू कॉपी कर फोन करते हैं और मुसीबत में फंसने का नाटक कर पैसों की मांग करते हैं। ऐसे कॉल्स पर तुरंत भरोसा करके पैसा भेजने के बजाय पहले संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर सत्यता की जांच कर लें।

*डिजिटल अरेस्ट’ और कॉल पर डराने-धमकाने से परेशान न हों*

यदि कोई अनजान व्यक्ति वीडियो कॉल पर खुद को सीबीआई, पुलिस या कस्टम अधिकारी बताकर डराता-धमकाता है, तो तुरंत समझ जाएं कि यह एक साइबर फ्रॉड है। कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है और असली पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ या पैसों की मांग नहीं करती।

*फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और टेलीग्राम ग्रुप्स से दूरी बनाए रखें*

सोशल मीडिया विज्ञापनों, टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का झांसा देने वाले फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स से पूरी तरह दूर रहें। हमेशा सेबी या आरबीआई से मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म्स का ही उपयोग करें।

*पब्लिक वाई-फाई का उपयोग करते समय रखें सतर्कता*

सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाले मुफ्त वाई-फाई का इस्तेमाल वित्तीय लेन-देन के लिए न करें। इसके अलावा, किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स डाउनलोड न करें।

इसके अलावा समझाया गया कि अपना कोई भी ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें और लुभावने ऑफर्स वाले अज्ञात लिंक्स पर क्लिक करने से बचें। यदि कोई अनजाने में इस तरह के साइबर जाल का शिकार हो जाता है, तो बिना एक पल गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर *1930* पर कॉल करें और नजदीकी थाने में सूचना दें।

समय रहते दी गई सूचना से ठगी गई राशि को बैंक स्तर पर होल्ड कराने में मदद मिलती है।

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