पर्यावरण उपकर की राशि से सड़क-नाली निर्माण पर सवाल, 7.92 करोड़ की स्वीकृति निरस्त करने की मांग*

*पर्यावरण उपकर की राशि से सड़क-नाली निर्माण पर सवाल, 7.92 करोड़ की स्वीकृति निरस्त करने की मांग*
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से स्वीकृत करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भेजे गए एक शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस विशेष निधि का उपयोग नियमों के विपरीत सामान्य सड़क और नाली निर्माण जैसे कार्यों में किया जा रहा है।शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि सारंगढ़, बिलाईगढ़ और बरमकेला विकासखंडों में लगभग 7.92 करोड़ रुपये की राशि से करीब 79 निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों की गलियों में सीसी सड़क निर्माण और नाली निर्माण जैसे कार्य शामिल बताए गए हैं। आवेदक का कहना है कि छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर अधिनियम, 2005 के तहत यह निधि विशेष रूप से पर्यावरण सुधार, संरक्षण, खनन प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास एवं अधोसंरचना विकास जैसे उद्देश्यों के लिए निर्धारित है। ऐसे में सामान्य विकास कार्यों में इस राशि का उपयोग नियमों के विपरीत है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन कार्यों के लिए पहले से ही 15वें वित्त आयोग और ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत अलग-अलग निधियां उपलब्ध हैं। इसलिए पर्यावरण उपकर की राशि से इन कार्यों की स्वीकृति को अनुचित बताया गया है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से 7.92 करोड़ रुपये की स्वीकृति को तत्काल निरस्त करने और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही संबंधित निर्माण कार्यों और शासकीय आदेशों की सूची भी संलग्न होने का उल्लेख किया गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या रुख अपनाता है और निधि उपयोग की प्रक्रिया पर क्या स्पष्टता सामने आती है।



