छत्तीसगढ़ मंत्रियों की कुंडली पहुंची दिल्लीः मंत्रिमंडल सर्जरी की दिशा में एक और कदम, जानें क्या है रिपोर्ट में

छत्तीसगढ़ मंत्रियों की कुंडली पहुंची दिल्लीः मंत्रिमंडल सर्जरी की दिशा में एक और कदम, जानें क्या है रिपोर्ट में
मुख्यमंत्री श्रीसाय मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित फेरबदल का अब तक मुहूर्त नहीं निकला है, मगर इस दिशा में एक बड़ी खबर है। एक गोपनीय रिपोर्ट दिल्ली पहुंच चुकी है, जिसमें विस्तार से सभी मंत्रियों की कुंडली बनाई गई है।
रायपुर। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे के बाद से सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज थी कि मंत्रिमंडल विस्तार, फेरबदल या संगठन में बड़े बदलावों पर मुहर लग जाएगी। नवंबर के प्रारंभ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद लग रहा है कि अभी सन्नाटा है, मगर अंदरखाने की खबर यह है कि मंत्रिमंडल सर्जरी की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा लिया गया है।
छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे का मुख्य उद्देश्य सरकार और संगठन के कामकाज का कच्चा-चिट्ठा टटोलना था। उन्होंने सभी मोर्चों के कामकाज की समीक्षा भी की और जरूरत पड़ने पर भविष्य में बदलाव के संकेत भी दिए।
दूसरी तरफ हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्योत्सव के मंच से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और दोनों डिप्टी सीएम के कामकाज की खुलकर तारीफ की है। मोदी की गारंटी वाली योजनाओं के धरातल पर उतरने और जनता के बीच मिल रहे सकारात्मक रिस्पॉन्स से केंद्रीय नेतृत्व गदगद है।
यह सुन कर कुछ मंत्रियों को सुकून मिला, मगर इसके बाद भी मंत्रियों की कुर्सी सुरक्षित नहीं है।हो सकता है कि तूफान के पहले का सन्नाटा छाया हो और कभी भी लोकभवन पहुंचने का संदेश आ जाये।
उच्च स्तरीय सूत्रों ने बताया कि मंत्रियों के कामकाज की जिस तरह से समीक्षा की जा रही है, उससे साफ है कि सभी के नंबर देखे जा रहे हैं।
संगठन की ओर से आ रहे फीड बैंक के साथ अब मैदानी रिपोर्ट भी बुला ली गई है। खबर है कि लगभग सभी मंत्रियों की एक खुफिया रिपोर्ट दिल्ली पहुंच चुकी है। इस रिपोर्ट के बारे में विस्तार से सूत्रों खुलासा नहीं किया, मगर यह जरुर बताया कि प्रदेशभर के कोने-कोने से मंत्रियों के कामकाज, उनके खिलाफ शिकायतों और व्यवहार की रिपोर्ट बारीकी से लिखी गई है। इस रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि मंत्रियों का निजी स्टॉफ किस तरह काम कर रहा है। किस मंत्री के कौन से स्टाप को हाल में हटाया गया है और क्यों हटाया गया यह तक लिखा गया है।
**अब चिंता करें मंत्री**
मंत्रियों के लिए चिंता की बात यह है कि बस्तर से लेकर सरगुजा संभाग और बिलासपुर संभाग तक, ज्यादातर मंत्रियों की रिपोर्ट नकारात्मक गई है।
अब इन रिपोर्ट को शीर्ष नेतृत्व किस नजरिए से देखते हैं और इस पर आगे क्या फैसला हो सकता है, कहा नहीं जा सकता। फिर भी रिपोर्ट के आधार पर छांटे जाने वाले मंत्रियों के नाम लगभग तय कर लिए गए हैं। इसी तरह मंत्रिमंडल में स्थान पाने की उम्मीर में बैठे विधायकों का भी फीड बैक लिया जा चुका है।
**सामने है ‘नगरीय निकाय चुनाव’ का सबसे बड़ा इम्तहान**
साय सरकार के सामने इस वक्त सबसे बड़ी और तत्काल चुनौती कुछ नगरीय निकायों के चुनाव हैं।राजनीति के जानकारों का मानना है कि चुनाव के मुहाने पर खड़े होकर मंत्रिमंडल में फेरबदल करने से पहले हर दृष्टिकोण पर विचार किया जाएगा।दावा किया जा रहा है कि मंत्रिमंडल फेरबदल को ठंडे बस्ते में तो नहीं, बल्कि ‘अस्थायी विश्राम’ पर जरूर भेज दिया है। आने वाले दिनों में यह ठहराव किसी बड़े धमाके में बदलता है या फिर मौजूदा चेहरों पर ही सरकार अपना दांव जारी रखेगी, इसके लिए इंतजार करना होगा।


