रायगढ़-सरायपाली एनएच निर्माण में बड़ीलापरवाही

*रायगढ़-सरायपाली एनएच सड़क निर्माण में विभाग की बड़ी लापरवाही*
*11 साल में 90 किमी सड़क नही बना पाया विभाग,दो ठेकेदार काम छोड़ भागे,अब 2028 का नया लक्ष्य*
सारंगढ—-रायगढ़ से सराईपाली तक 90 किलोमीटर लंबी नेशनल हाईवे का निर्माण पिछले 11 सालों से विभागीय लेटलतीफी, ठेकेदारों की नाकामी और टेंडर प्रक्रिया की खामियों के बीच झूल रहा है। वर्ष 2015 में जिस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था, वह दो निर्माण कंपनियों के काम बीच में ही छोड़कर भाग जाने के कारण आज तक अधूरा है। स्थिति यह है कि रायगढ़ से चंद्रपुर के बीच 30 किलोमीटर के हिस्से में 15 से अधिक स्थानों पर सड़क के परखच्चे उड़ चुके हैं। कहीं 20 मीटर तो कहीं 50 मीटर तक सड़क का नामोनिशान नहीं है। अब नेशनल हाईवे (एनएच) विभाग टुकड़ों में टेंडर निकालकर इस सड़क को 2028 तक पूरा करने का दावा कर रहा है। लेकिन इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि एक तरफ सड़क जर्जर है, वहीं दूसरी तरफ गोमर्डा से सराईपाली के बीच महज 30 किमी का काम पूरा कर एनएच ने टोल नाका शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
टोल वसूलने की जल्दबाजी: खरसिया की कंपनी को 58.80 करोड़ का काम..
पूरा हाईवे भले ही जर्जर हो, लेकिन गोमर्डा अभयारण्य से सराईपाली तक के 30 किलोमीटर हिस्से में डामर का काम अंतिम चरण में है। खरसिया की एक कंपनी को 58.80 करोड़ रुपये में यह काम सौंपा गया है, जिसे दिसंबर तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इसी हिस्से में कनकबीरा और सराईपाली के नरेश नगर में पुल का काम बाकी होने के बावजूद एनएच के अधिकारी गोमर्डा अभयारण्य के आगे टोल नाका बनाने की फाइल तेजी से दौड़ा रहे हैं।



