chhattisgarhCmo chhattisgarhdprpibraipurTop newsUncategorized

बिना बताए कट रहे ई-चालान! ऐप पर खुला हजारों के जुर्माने का राज, वाहन मालिकों को लगा झटका

बिना बताए कट रहे ई-चालान! ऐप पर खुला हजारों के जुर्माने का राज, वाहन मालिकों को लगा झटका

Traffic Challan: ई-चालान की जानकारी नहीं मिलने से वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ रही है। कई वाहन चालकों को मोबाइल पर मैसेज या घर पर नोटिस मिले बिना ही हजारों रुपये का चालान बकाया होने का पता चल रहा है।

राजधानी की सडक़ों पर लगे आईटीएमएस कैमरों से चालान सरकारी रिकाॅर्ड में दर्ज हो रही है, लेकिन कई मामलों में यह जानकारी न तो वाहन चालकों के मोबाइल पर मिल रही है और न ही घर पर कोई नोटिस भेजा जा रहा है। राजधानी में अलग-अलग ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें ई-चालान पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यह खुलासा तब हो रहा है, जब वाहन चालक परिवहन विभाग के मोबाइल एप्लीकेशन में जाकर अपना स्टेटस चेक कर रहे हैं। परेशानी तब बढ़ रही है, जब वाहन मालिक को लंबे समय तक चालान की जानकारी ही नहीं होती। बाद में रिकॉर्ड खंगालने या किसी दूसरे काम के सिलसिले में बकाया चालान का पता चलता है। कुछ मामलों में जुर्माने की राशि 20 हजार रुपए तक होने का दावा किया जा रहा है।

केस1: एप्लीकेशन में 10300 का चालान, लेकिन मैसेज नहीं

शशांक शर्मा, बंधवापारा, पुरानी बस्ती के मुताबिक, मेरी कार का नंबर सीजी 04-एनबी-9246 है, मेरी गाड़ी का 10300 रुपए का चालान दिखा रहा है। यहां मेरी जानकारी में नहीं है, ना ही मुझे कोई मैसेज मिला। जब मैंने चेक किया तब मुझे पता चला कि मेरी गाड़ी में यह चालान पेंडिंग हैं। तीन चालान आए हैंं।

केस-2: 4900 रुपए का चालान पेडिंग

विवेक डागा न्यू राजेंद्र नगर के अनुसार, मुझे पता नहीं था कि मेरी गाड़ी में 4900 रुपए का चालान हैं। मेरी गाड़ी का नंबर सीजी 04-एनबी- 6700 है। ऐप के माध्यम से जब मैंने चेक किया तब मुझे पता चला कि कार के अलग-अलग पांच चालान दिखा रहा है।

चालान जारी करने की व्यवस्था पारदर्शी हो

ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य यातायात नियमों का उल्लंघन पकडऩा और कार्रवाई को पारदर्शी बनाना है। कैमरों या दूसरे माध्यमों से उल्लंघन दर्ज होने के बाद चालान बनाया जाता है। लेकिन वाहन मालिकों तक सूचना पहुंचना भी उतना ही जरूरी है, ताकि वे समय रहते चालान की जानकारी हासिल कर सकें।

आठ महीने में 8.94 करोड़ रुपए के समन शुल्क

आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर कमिश्नरेट में ई-चालान की कार्रवाई के अंतर्गत आठ महीने में 8 करोड़ 94 लाख रुपए के समन शुल्क जारी किए गए हैं। जनवरी से अगस्त महीने के रिकाॅर्ड के मुताबिक 8 महीनों में सबसे ज्यादा मार्च महीने में वाहन चालकों को 1 करोड़ 93 लाख 54 हजार 500 रुपए का समन शुल्क जारी किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button