राज्योत्सव 2026: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टाल रहे मुख्य आकर्षण का केंद्र, बिहान बाजार में 1 लाख से अधिक की बिक्री

राज्योत्सव 2026: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टाल रहे मुख्य आकर्षण का केंद्र, बिहान बाजार में 1 लाख से अधिक की बिक्री
विशेष संवाददाता
सारंगढ——- राज्योत्सव 2026 के अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल आम जनता एवं आगंतुकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे। विभाग ने 4 आकर्षक स्टालों के माध्यम से ग्रामीण विकास, स्वच्छता और आजीविका से जुड़ी अपनी फ्लैगशिप योजनाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग की सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी वाले पैम्फलेट का व्यापक वितरण भी किया गया।
**आवास स्टाल पर ‘ऑन-द-स्पॉट’ डिजिटल समाधान और चाबी वितरण**
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के स्टाल में एक सुंदर मॉडल आवास की झांकी सजाई गई थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने पूर्ण हो चुके आवासों के हितग्राहियों को सांकेतिक चाबी और प्रमाण पत्र सौंपे। इसके साथ ही स्टाल पर हितग्राहियों की सुविधा के लिए लाइव कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किया गया था, जहां ऑपरेटरों द्वारा आवास की वर्तमान स्थिति, किस्तों (इंस्टॉलमेंट) का विवरण और नवीन सर्वे सूची में नाम देखने पहुंचे ग्रामीणों के सवालों का तत्काल ऑनलाइन समाधान किया गया।
**स्वच्छता मॉडल और लाइव वाटर रिचार्ज तकनीक ने खींचा ध्यान**
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्टाल में एफएसटीपी (FSTP) एवं आदर्श ग्राम ‘कोतरी’ का जीवंत मॉडल प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही एसएलडब्ल्यूएम (SLWM) नियमों के तहत 4 श्रेणियों के ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन को वास्तविक कचरे के उद्धरण के साथ समझाया गया। वहीं, वीबीजीआरएएमजी (VBGRAMG) योजना के अंतर्गत सोखता गड्ढे (सॉक पिट) का कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किया गया, जिसमें दिखाया गया कि किस प्रकार व्यर्थ बहने वाले पानी को भूजल (ग्राउंड वाटर) में रिचार्ज किया जा सकता है।
एनआरएलएम बिहान बाजार में बंपर बिक्री
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के भव्य पंडाल में 15 स्व-सहायता समूहों ने शिरकत की। समूह की दीदियों द्वारा संचालित ‘बिहान बाजार’ एवं कैंटीन में शुद्ध देशी घी, आचार, दीवाली पूजन सामग्री, दीया-बाती, अगरबत्ती, सौंदर्य प्रसाधन, हस्तनिर्मित कपड़े, साड़ियां और विभिन्न स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों का विक्रय किया गया। स्टालों पर दिनभर रही ग्राहकों की भारी भीड़ के चलते समूहों ने कुल 1,03,000 रुपये (एक लाख तीन हजार रुपये) की बिक्री दर्ज की।
तकनीकी नवाचार, मौके पर ही प्रशासनिक पारदर्शिता, योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और महिला स्वावलंबन के समन्वय से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की यह प्रदर्शनी पूरे राज्योत्सव में सबसे अधिक सराही गई।



