रायगढ़, सक्ति, सारंगढ़ और जांजगीर-चांपा समेत 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


सारंगढ। भीषण गर्मी और लंबे इंतजार के बाद मध्य भारत में मानसून ने अब अपनी पूरी ताकत के साथ वापसी की है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के लिए गंभीर चेतावनी जारी करते हुए अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। एक साथ कई मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का यह जो नया दौर शुरू हुआ है, उसने स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया है और आम जनजीवन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस अचानक हुए बड़े बदलाव के पीछे मौसम का एक जटिल तंत्र काम कर रहा है। दरअसल, वर्तमान में मानसून की द्रोणिका राजस्थान के श्रीगंगानगर से शुरू होकर रोहतक, हमीरपुर, मध्य प्रदेश के सीधी और झारखंड के रांची से होते हुए सीधे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर ऊपरी हवा के कई चक्रवाती परिसंचरण भी पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। इन सभी प्रणालियों के आपस में टकराने से मध्य भारत के आसमान में बादलों का एक ऐसा मजबूत जाल बन गया है, जो व्यापक बारिश का कारण बन रहा है। इस मौसमी उथल-पुथल का सबसे पहला और स्पष्ट असर दुर्ग जिले में देखने को मिला है। मंगलवार को यहां दिन भर आसमान काले बादलों से घिरा रहा और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहा। इस लगातार बारिश ने तापमान को काफी नीचे ला दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब ढाई डिग्री गिरकर 28.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री रहा।शाम तक शहर में 11.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी थी, जो इस बात का संकेत है कि मानसून पूरी तरह से सेट हो चुका है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी का दायरा पूरे राज्य में फैला दिया है। दुर्ग के अलावा प्रदेश के 28 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया गया है, जिसका सीधा अर्थ है कि इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ेंगी। अगर हम पूरे राज्य के मौसम के मिजाज की बात करें, तो राजधानी रायपुर सहित मध्य छत्तीसगढ़ के धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाज़ार, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश की प्रबल संभावना है। वहीं, प्रदेश के उत्तरी और मध्य-उत्तरी हिस्से यानी बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सारंगढ, रायगढ़, सक्ति, कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से लेकर दूरस्थ सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, कोरिया और बलरामपुर तक झमाझम बारिश के आसार बने हुए हैं। इसके अलावा, मानसून का असर घने जंगलों वाले आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में भी साफ तौर पर दिखेगा। मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और उत्तर बस्तर कांकेर जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है, जहां तेज हवाओं के साथ पानी बरसने की चेतावनी दी गई है।


