संपादक पर जानलेवा हमला,नये पुलिस अधीक्षक से आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग*

**जिले के पत्रकारों में आक्रोश**
**जिले में सख्त पुलिस नेतृत्व की जरूरत**
**पूर्व में भी किया गया खुलेआम चाकूबाजी, जुआ-सट्टा माफिया के इशारे पर अपराध – नगर में दहशत**
सारंगढ़-बिलाईगढ़। पिछले 2 माह से सारंगढ जिला पुलिस अधीक्षक के नही होने से कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है,जिससे जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है।गुंडा-बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे दिनदहाड़े लूटपाट के साथ खुलेआम चाकू और हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ताजा घटना में स्थानीय अखबार के संपादक और उसके साथी पर लगभग 20 से अधिक बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया था।हमला में आरोपियों ने रवि तिवारी के गले से सोने का 5 ग्राम का बजरंगबली का लॉकेट छीन लिया है, जिस पर पुलिस द्वारा अभी तक आरोपियों से कोई पूछताछ नही की है।हमला करने वाले आरोपियों में पुलिस ने अबतक 4 आरोपियों को पकड़ कर जेल भेज दिया है साथ ही उक्त घटना में उपयोग किया गया चाकू भी पुलिस ने जप्त कर लिया है बाकी आरोपी अभी तक फरार है। बताया जा रहा है कि जिले में पुलिस मुखिया के अभाव और कमजोर निगरानी के चलते अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। हालात यह हैं कि अब संगठित गिरोह नाबालिगों और युवाओं को शामिल कर अपराध को अंजाम दे रहे हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।जिले में अब नये पुलिस अधीक्षक सुशील शर्मा के आने से चोरी,मारपीट,अवैध शराब जैसी घटनाएं कम देखने को मिलेगी जो नगरवासियों के लिए राहत वाली बात है।
**पुराने मामलों में भी नहीं हुई सख्त कार्रवाई**
नगर में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आरोपियों द्वारा चाकूबाजी, दुकानों में घुसकर मारपीट और दहशत फैलाने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन हर बार कमजोर विवेचना और कथित सांठगांठ के चलते आरोपी बच निकलते हैं। यही वजह है कि छूटकर वही अपराधी फिर से बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन घटनाओं के पीछे जुआ और सट्टा खाइवलों का हाथ है, जिनके इशारे पर यह गैंग काम कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे आम जनता में भय और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से थानों में जमे कुछ पुराने कर्मियों पर भी आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
**पत्रकारों में आक्रोश, जिला प्रेस क्लब ने सौंपा ज्ञापन**
इस घटना के बाद जिलेभर के पत्रकारों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक थवाईत के नेतृत्व में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
**गुंडा गैंग के कारण पहले भी हो चुका है नगर बंद**
कुछ माह पूर्व एक स्थानीय व्यापारी के साथ उसके दुकान घुस कर आरोपियों द्वारा मारपीट किया गया था,गौरतलब है कि इन्हीं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कुछ दिनों पहले नगर बंद भी किया गया था। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी अब सवालों के घेरे में है।
*जिले में सख्त पुलिस नेतृत्व की जरूरत*
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले को अब सख्त और सक्रिय पुलिस नेतृत्व की जरूरत है, ताकि अपराधियों पर लगाम लगाई जा सके। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जिले में बढ़ते अपराध और प्रशासन की चुप्पी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर अब भी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं।अब देखने वाली बात है कि पिछले 2 माह से एसपी विहीन जिले में नये पुलिस कप्तान के आने से व उनके नेतृत्व में निश्चित ही जिले में शांति व्यवस्था लागू होगी।



