जिला अस्पताल सारंगढ़ के मुख्य गेट पर जलभराव और गंदगी से डेंगू-मलेरिया का बढ़ता खतरा*

**सिविल सर्जन की लापरवाही से जनता परेशान**
*सारंगढ़-बिलाईगढ़:* जिला चिकित्सालय सारंगढ़ जो आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए बनाया गया है, उसी अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर पिछले कई महीनों से गंदे पानी का जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण न केवल अस्पताल आने वाले मरीजों और परिजनों को परेशानी हो रही है, बल्कि आसपास के रहवासियों के लिए डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

स्थानीय पत्रकार एवं अस्पताल के सामने निवासरत नत्थुलाल अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल की बाउंड्री वॉल के ठीक सामने हमेशा गंदा पानी जमा रहता है। इससे पूरे क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। उनके घर में छोटे बच्चे हैं और मोहल्ले के अन्य बच्चे भी इसी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
अग्रवाल ने कहा कि इस गंभीर समस्या से अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल को मोहल्लेवासियों द्वारा कई बार मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन उनकी उदासीनता और अकर्मण्यता के कारण आज तक कोई समाधान नहीं निकला।
उन्होंने सवाल उठाया कि “जिस अस्पताल का काम लोगों को बीमारी से बचाना है, उसी के मुख्य द्वार पर बीमारियों का जाल फैला हुआ है। यह जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।”
अग्रवाल ने जिला कलेक्टर एवं CMHO सारंगढ़-बिलाईगढ़ से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से जलभराव को दूर करने के लिए पक्की नाली अथवा पेवर ब्लॉक का निर्माण कराया जाए। साथ ही इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूरन इस मुद्दे को जन आंदोलन के रूप में उठाया जाएगा।
नोट:*
विकल्प 1: “अस्पताल बचाएगा या बीमारी देगा? सारंगढ़ जिला अस्पताल के गेट पर गंदगी का अंबार”
विकल्प 2: “सिविल सर्जन की अनदेखी



