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हादसे का इंतजार कब तक? मकरी वॉटरफॉल बना मौत का मैदान, प्रशासन की नींद टूटी*

*हादसे का इंतजार कब तक? मकरी वॉटरफॉल बना मौत का मैदान, प्रशासन की नींद टूटी*

सारंगढ़। बारिश का मौसम आते ही मकरी जंगल स्थित झरना सुकून की जगह अब खतरे का अखाड़ा बनता जा रहा है। हर दिन यहां सैकड़ों की भीड़ उमड़ रही है, जहां युवा-युवतियां तेज बहाव और फिसलन भरी चट्टानों के बीच न केवल नहा रहे हैं, बल्कि जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्टंट भी कर रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे हैरानी की बात यह है कि मौके पर न तो कोई सुरक्षा व्यवस्था है, न चेतावनी बोर्ड और न ही बैरिकेडिंग। वन विभाग की लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले भी कई बार हादसे होते-होते बचे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।मामले में वन विभाग के अधिकारियों का यह कहना कि उन्हें स्थिति की जानकारी नहीं है, उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर इतनी भीड़ और जोखिम के बावजूद जिम्मेदार अनजान कैसे रह सकते हैं?हालांकि, कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित संज्ञान लिया है और एसडीएम, तहसीलदार व वन विभाग को मौके पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। अब बड़ा सवाल यही है की क्या कार्रवाई समय रहते होगी या फिर प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? अगर जल्द सख्ती नहीं बरती गई, तो यह खूबसूरत झरना कभी भी मातम का मंजर बन सकता है।

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