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जिला अधिवक्ता संघ ने सारंगढ बिलाईगढ़ ज़िला स्थापना दिवस को शौर्य दिवस के रूप में मनाया, जिला संघर्ष के इतिहास को किया याद

जिला अधिवक्ता संघ ने सारंगढ बिलाईगढ़ ज़िला स्थापना दिवस को शौर्य दिवस के रूप में मनाया, जिला संघर्ष के इतिहास को किया याद

सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के स्थापना दिवस पर गुरुवार को जिला अधिवक्ता संघ सारंगढ़ ने परंपरा के अनुसार इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान जिले के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को याद किया गया और वर्तमान में जिले के समग्र विकास तथा सिविल जिला बनाए जाने की मांग को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अपर सत्र न्यायालय के मुख्य द्वार पर आतिशबाजी, मिठाई वितरण और जयघोष के साथ हुई। इसके बाद अधिवक्ता संघ भवन में आयोजित समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. चौधरी मुख्य अतिथि तथा पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाषचंद्र नंदे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार तिवारी ने की। अतिथियों ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर माल्यार्पण, पूजा-अर्चना और श्रीफल फोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

संघ के प्रवक्ता दीपक तिवारी ने सारंगढ़ को जिला बनाने की लंबी लड़ाई का उल्लेख करते हुए जिला संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के योगदान को याद किया। उन्होंने उन दिवंगत आंदोलनकारियों को भी श्रद्धांजलि दी, जो जिला बनने का सपना साकार होते नहीं देख सके।

अपने संबोधन में वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाषचंद्र नंदे ने बताया कि सारंगढ़ को जिला बनाने की मांग सबसे पहले वर्ष 1966 में तत्कालीन सारंगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष स्वर्गीय देवनारायण थवाईत ने उठाई थी। इसके बाद वर्ष 1971 में जिला संघर्ष समिति का गठन हुआ और लंबे संघर्ष के बाद यह सपना साकार हुआ।

मुख्य अतिथि आर.के. चौधरी ने जिले के विकास और विस्तार के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। वहीं अध्यक्ष विजय कुमार तिवारी ने कहा कि जिला निर्माण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े का योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जिले में संसाधनों की स्वीकृति और विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि जिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा से मिलकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को सिविल जिला घोषित करने की मांग कर चुका है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधि एवं विधायी कार्य मंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात की जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में संघ के सचिव कुलदीप राज पटेल ने आभार व्यक्त किया। संचालन प्रवक्ता दीपक तिवारी ने किया तथा समापन पर सभी अधिवक्ताओं के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। समारोह में संघ के पदाधिकारी, वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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