chhattisgarhCmo chhattisgarhdprpibTop newsUncategorized

रिटायरमेंट से पहले गृह जिले में मिलेगी पोस्टिंग, CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला 

रिटायरमेंट से पहले गृह जिले में मिलेगी पोस्टिंग, CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा- रिटायरमेंट से 1 साल पहले कर्मचारियों को उनके गृह जिले में पोस्टिंग दी जानी चाहिए. कोर्ट ने सरकार की दलील खारिज कर आबकारी हेड कांस्टेबल के पक्ष में आदेश दिया.

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल नेल्सन लवेट की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें उनके गृह जिले बिलासपुर में पदस्थ करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने संबंधित सक्षम अधिकारी को आदेश की प्रति मिलने के 15 दिनों के भीतर आवश्यक पोस्टिंग के आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं.

मामले की सुनवाई जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की एकल पीठ में हुई. याचिकाकर्ता वर्तमान में रायगढ़ जिले में आबकारी हेड कांस्टेबल के पद पर पदस्थ हैं. उन्होंने रायगढ़ से बिलासपुर तबादले और 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 का लाभ देने की मांग की थी.

जुलाई 2027 में होना है रिटायरमेंट

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उनकी नियुक्ति 19 अप्रैल 1993 को आबकारी विभाग में सेल्समैन के रूप में हुई थी. बाद में उन्हें नियमित कर आबकारी आरक्षक बनाया गया. वर्ष 2014 में उनका तबादला कोरबा से बिलासपुर हुआ था. इसके बाद 24 जून 2022 को उन्हें बिलासपुर से रायगढ़ भेजा गया. वर्ष 2023 में पदोन्नति के बाद वे आबकारी हेड कांस्टेबल बने और रायगढ़ में ही पदस्थ रहे.

पत्नी बीमार, लगातार  चल रहा इलाज 

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वह जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं. साथ ही उनकी पत्नी का स्वास्थ्य भी खराब है और उनका लगातार इलाज चल रहा है. उन्होंने गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग के लिए कई बार विभाग को अभ्यावेदन दिए, लेकिन उन पर निर्णय नहीं लिया गया.

रिटायर से पहले लाभ मिलना चाहिए-हाईकोर्ट   

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं और उन्होंने गृह जिले में पोस्टिंग के लिए कई आवेदन दिए हैं. कोर्ट ने राज्य की उस दलील को स्वीकार नहीं किया कि ट्रांसफर पॉलिसी का क्लॉज 3.12 उनके मामले में लागू नहीं हो सकता. कोर्ट ने कहा कि एक साल के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद या गृह जिले में पोस्टिंग का लाभ दिया गया है, इसलिए याचिकाकर्ता को भी इसका लाभ मिलना चाहिए.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button