सारंगढ़-बिलाईगढ़

बस स्टैंड या बस डिपो? रातभर खड़ी रहती हैं बसें, जिम्मेदारों की चुप्पी से बिगड़ रही व्यवस्था

*बस स्टैंड या बस डिपो? रातभर खड़ी रहती हैं बसें, जिम्मेदारों की चुप्पी से बिगड़ रही व्यवस्था*

सारंगढ़ । शहर का मुख्य बस स्टैंड इन दिनों बस डिपो में तब्दील होता जा रहा है। दिन में ही नहीं बल्कि रात के समय भी कई बसों का हाल्टिंग बस स्टैंड परिसर में ही किया जा रहा है। बस ऑपरेटर बसों को यहीं खड़ा कर रातभर छोड़ देते हैं, जिससे पूरा बस स्टैंड बसों से भरा रहता है। इसके कारण यात्रियों को आने-जाने में परेशानी के साथ-साथ शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। बस स्टैंड का निर्माण यात्रियों की सुविधा और बसों के नियंत्रित संचालन के लिए किया गया है, लेकिन वर्तमान में इसका उपयोग बसों की पार्किंग और रात्रिकालीन हाल्टिंग के रूप में किया जा रहा है। कई बसें शाम होते ही बस स्टैंड में खड़ी कर दी जाती हैं और सुबह तक वहीं रहती हैं। इससे बस स्टैंड में अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है और अन्य बसों को खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। नियमों के अनुसार बस स्टैंड परिसर में बसों को केवल यात्री चढ़ाने-उतारने तक ही खड़ा करने की अनुमति होती है। इसके बाद बसों को निर्धारित डिपो या पार्किंग स्थल पर ले जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद सारंगढ़ में बस संचालकों द्वारा खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है। रात के समय बसों का हाल्टिंग बस स्टैंड में करना भी नियमों के विरुद्ध है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय भी बसों के खड़े रहने से असुरक्षा का माहौल बनता है। वहीं बसों के अनियंत्रित खड़े होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। परिवहन विभाग के नियमों के तहत बस स्टैंड में अवैध पार्किंग या लंबे समय तक बस खड़ी करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ परमिट निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।शहरवासियों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि बस स्टैंड की व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। बसों के लिए अलग पार्किंग और रात्रि हाल्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले बस ऑपरेटरों पर कार्रवाई की जाए, ताकि बस स्टैंड यात्रियों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित बन सके।

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