चमकदार फलों के पीछे छिपा जहर!केमिकल से पक रहे फल, हर निवाले में बीमारी का खतरा


सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में इन दिनों बाजारों में बिक रहे फल लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। बाहर से चमकदार और ताजे दिखने वाले ये फल अंदर ही अंदर केमिकल का जहर समेटे हुए हैं। आम, केला,सेव,पपीता जैसे फलों को जल्दी पकाने और अधिक मुनाफा कमाने के लालच में व्यापारी धड़ल्ले से प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले में आंख मूंदे बैठा नजर आ रहा है। जानकारों के अनुसार, कई फल व्यापारी कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक केमिकल का उपयोग कर फलों को कृत्रिम रूप से पकाते हैं। यह रसायन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। इसके उपयोग से फल जल्दी तो पक जाते हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता पूरी तरह खराब हो जाती है। सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के अनुसार केमिकल से पके फल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। इनके सेवन से पेट दर्द, उल्टी, सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, वहीं लंबे समय तक उपयोग से कैंसर का खतरा भी रहता है। उन्होंने लोगों से जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि बहुत चमकदार और एक जैसे रंग वाले फलों से बचें, सेवन से पहले अच्छी तरह धोएं और सतर्कता बरतें। स्थानीय बाजारों में जब इस मामले की पड़ताल की गई, तो कई व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर स्वीकार किया कि बिना केमिकल के फल समय पर नहीं पकते और जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे उन्हें नुकसान होता है। ऐसे में वे मजबूरी का हवाला देकर इन खतरनाक तरीकों का सहारा लेते हैं। लेकिन यह मजबूरी अब आम जनता की सेहत पर भारी पड़ रही है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई न के बराबर है।आज पर्यत्न तक खानापूर्ति के नाम पर भी कोई कार्यवाही नही कि गई है, जिसके कारण जहरीला कारोबार बढ़ता जा रहा है। बाजारों में खुलेआम केमिकल से पके फल बिक रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को खुद भी सतर्क रहने की जरूरत है। बहुत ज्यादा चमकदार, एक समान रंग वाले और असामान्य रूप से जल्दी पके फलों से बचना चाहिए। प्राकृतिक रूप से पके फल में हल्का असमान रंग और खुशबू होती है, जबकि केमिकल से पके फल अक्सर अंदर से कच्चे और स्वादहीन होते हैं।अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक लोगों की थाली में जहर परोसा जाता रहेगा? क्या प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर यूं ही लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ चलता रहेगा? यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो सारंगढ़-बिलाईगढ़ में यह मीठा जहर एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या का रूप ले सकता है।



