निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम

**सारंगढ खबर का हुआ असर**
*निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम!*
*फीस बढ़ोतरी और किताब-गणवेश घोटाले पर सरकार का बड़ा एक्शन, जांच समितियां गठित*
सारंगढ़ खबर। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली।स्कूल शिक्षा विभाग ने फीस बढ़ोतरी और किताब-गणवेश खरीद में हो रही गड़बड़ियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे प्रदेश में निगरानी और जांच समितियों के गठन के आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर से जारी हुआ है। दरअसल, लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल पालकों को एक ही दुकान या तय फर्म से किताबें और गणवेश खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इन सामग्रियों पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।अब सरकार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाई है, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त (जीएसटी) को शामिल किया गया है। वहीं विकासखंड स्तर पर एसडीएम (राजस्व), विकासखंड शिक्षा अधिकारी और जीएसटी इंस्पेक्टर की टीम जांच करेगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि फीस बढ़ोतरी के मामलों में छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिकायतों का त्वरित निराकरण कर रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस सख्त फैसले से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं निजी स्कूलों की मनमानी पर अब सीधा वार माना जा रहा है।



