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उफनते छिंद चूरेला नाला ने रोकी रफ्तार: सारंगढ़–बिलासपुर मुख्य मार्ग घंटों रहा ठप

उफनते छिंद चूरेला नाला ने रोकी रफ्तार: सारंगढ़–बिलासपुर मुख्य मार्ग घंटों रहा ठप

सारंगढ/बरमकेला । सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पिछले कई दिनों से जिलेभर में हो रही लगातार और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं, खेत-खलिहानों में पानी भर गया है और कई ग्रामीण व मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं। लगातार वर्षा के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को उठानी पड़ रही है जो प्रतिदिन शिक्षा, रोजगार, व्यापार, इलाज या अन्य जरूरी कार्यों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान
तक आवागमन करते हैं।

सुबह करीब दो घंटे तक थमी रही रफ्तार, मुख्य मार्ग पर वाहनों की लगी लंबी कतार

लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार सुबह छिंद चूरेला नाला में जलस्तर तेजी से बढ़ गया और पुल के ऊपर तेज बहाव के साथ पानी बहने लगा। इसके चलते सारंगढ़–बिलासपुर मुख्य मार्ग करीब दो घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। सुबह के व्यस्त समय में मार्ग बंद होने से सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

यह सड़क सारंगढ़, बरमकेला सहित कई शहरों को बिलासपुर से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। बारिश के कारण अचानक मार्ग बंद होने से स्कूली बच्चे, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी, किसान, मरीज और अन्य यात्री बीच रास्ते में फंस गए। कई लोगों की महत्वपूर्ण बैठकें और जरूरी काम प्रभावित हुए, जबकि कई विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई।

पुल के बीच बंद हुई यात्रियों से भरी बस, टला बड़ा हादसा

घटना के दौरान सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब बिलासपुर की ओर जा रही यात्रियों से भरी एक निजी बस उफनते नाले के बीच पुल पार करने लगी। बस धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी, लेकिन जैसे ही वह पुल के अंतिम छोर पर पहुंची, अचानक उसका इंजन बंद हो गया। कुछ क्षणों के लिए बस तेज बहाव के बीच पुल पर ही खड़ी रह गई।

बस में बैठे यात्रियों के चेहरों पर भय साफ दिखाई दे रहा था। पुल के ऊपर लगातार बह रहे पानी और तेज धारा को देखकर लोगों की सांसें थम गईं। आसपास मौजूद लोग भी बस की ओर टकटकी लगाए देखते रहे। सभी को आशंका थी कि यदि पानी का बहाव और बढ़ गया या बस अधिक देर तक वहीं खड़ी रही तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

हालांकि चालक ने धैर्य नहीं खोया। उसने लगातार प्रयास करते हुए बस को दोबारा स्टार्ट किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद इंजन चालू हुआ और बस धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए सुरक्षित पुल से बाहर निकल गई। बस के सुरक्षित निकलते ही यात्रियों और वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

खतरे को नजरअंदाज कर उफनते नाले को पार करते रहे लोग

पुल पर पानी होने के बावजूद कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पैदल, मोटरसाइकिल और अन्य छोटे वाहनों से नाला पार करते नजर आए। तेज बहाव के बीच लोगों का इस तरह पुल पार करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता था। स्थानीय लोगों ने कई बार राहगीरों को रोकने और सुरक्षित स्थान पर रुकने की सलाह दी, लेकिन कुछ लोगों ने जल्दबाजी में खतरे की परवाह नहीं की।

बारिश के मौसम में ऐसी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है। पिछले वर्षों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में पुल-पुलियों पर बहते पानी को पार करने के दौरान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सबक लेने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस प्रकार तेज बहाव के बीच बस पुल पर पहुंचकर बंद हो जाती है और कुछ देर तक वहीं फंसी रहती है। इसके बाद चालक के प्रयास से बस दोबारा स्टार्ट होती है और सुरक्षित पुल पार कर लेती है।

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुल के ऊपर पानी होने के बावजूद वाहनों की आवाजाही क्यों नहीं रोकी गई। लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते यहां ऊंचे पुल का निर्माण कर दिया जाए तो बरसात के दिनों में लोगों को बार-बार इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।

 

लोगों ने यह भी मांग की है कि संवेदनशील पुल-पुलियों की लगातार निगरानी की जाए और जलस्तर बढ़ने पर तुरंत यातायात बंद कर दिया जाए। साथ ही दीर्घकालिक समाधान के रूप में छिंद चूरेला नाला पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए।

प्रशासन की अपील

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले मार्गों को पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने और जलस्तर कम होने तक सुरक्षित स्थान पर रुकने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

सुबह भारी बारिश के कारण छिंद चुरेला स्थित पुल के ऊपर से पानी जाने की सूचना मिली अभी कंट्रोल में है अभी फिर तेज बारिश होने का अनुमान है तो कोटवारों को अलर्ट कर दिया गया है पुल के ऊपर से पानी जाने पर आवागमन पूर्ण रूप से बंद रहेगा
मोहन साहू
तहसीलदार संरसीवा

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