सारंगढ-बिलाईगढ़सारंगढ जिला प्रशासन

जिले में नई कलेक्टर आये सप्ताह भर से ऊपर,अभी तक चौथे स्तंभ से संवाद ना ही बैठक*

खबर का हुआ असर,,जिला कलेक्ट्रेट में आज पत्रकारवार्ता आयोजित

**जनसंपर्क विभाग मैनेजमेंट में व्यस्त,4 ग्रुप है,पर सूचना गायब!*
सारंगढ़ – बिलाईगढ़। जिले में नई महिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू की पदस्थापना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पत्रकारों से न कोई औपचारिक मुलाकात हुई है और न ही किसी तरह का संवाद स्थापित हो पाया है।आमतौर पर नई पदस्थापना के बाद प्रशासन और मीडिया के बीच संवाद की शुरुआत होती है, लेकिन यहां हालात इसके ठीक उलट नजर आ रहे हैं। यह खामोशी अब चर्चा का विषय ही नहीं, बल्कि सवालों का केंद्र बन चुकी है। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा आलोचना जनसंपर्क विभाग की हो रही है। विभाग की नाकामी कहें या अपनी जिम्मेदारी से बचने की रणनीति—पत्रकारों के लिए चार अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बना दिए गए हैं। लेकिन विडंबना यह है कि इन ग्रुपों में सूचनाएं देने के बजाय सन्नाटा पसरा रहता है। न नई योजनाओं की जानकारी, न प्रशासनिक बैठकों का अपडेट—सिर्फ औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुराने प्रेस नोट को बार-बार भेजकर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि जिले में चल रही गतिविधियों और शासन की नई योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही। इससे पत्रकारों को खबरों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जो इस विभाग की निष्क्रियता को उजागर करता है। लोकतंत्र में मीडिया और प्रशासन के बीच मजबूत संवाद बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यही कड़ी सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम करती है। लेकिन जब यही कड़ी कमजोर हो जाए, तो सूचना का प्रवाह बाधित हो जाता है और अफवाहों को जगह मिलती है।अब सवाल यह उठता है कि क्या कलेक्टर मैडम इस स्थिति से अनजान हैं या फिर जनसंपर्क विभाग ही अपनी मनमानी में व्यस्त है? फिलहाल जिले में सूचना तंत्र की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो इसका खामियाजा न सिर्फ पत्रकारों को, बल्कि आम जनता को भी भुगतना पड़ेगा।

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