बिलासपुर रोड पर स्थित दो मंजिला कॉम्प्लेक्स तैयार, भविष्य में सड़क पर उतरेगा ट्रैफिक का जनाज़ा*

**नई कलेक्टर से शिकायत जल्द**
**बन रहे काम्प्लेक्स में पार्किंग की कोई भी व्यवस्था नही**

सारंगढ़ – बिलाईगढ़। बिलासपुर रोड स्थित गौरव पथ पर एक चर्चित कॉम्प्लेक्स इन दिनों प्रशासनिक लापरवाही और ‘चयनात्मक कार्रवाई’ का जीता-जागता उदाहरण बनता जा रहा है। बिना पार्किंग व्यवस्था के दो मंजिला कॉम्प्लेक्स शुरू होने की तैयारी में है, और हैरत की बात यह है कि शिकायतों की लंबी फेहरिस्त के बावजूद न पालिका हरकत में आई, न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया। उल्टा, अब निर्माण कार्य को और आगे बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि जब कॉम्प्लेक्स चालू होगा, तो वाहन सड़कों पर ही खड़े होंगे और गौरव पथ का गौरव ट्रैफिक जाम में दम तोड़ देगा। लेकिन जिम्मेदारों को जैसे इसकी कोई परवाह ही नहीं। जिस शासकीय कार्यालय के परिसर प्रभावित हुए, दीवारें टूटीं, उन्होंने भी कोई शिकायत नही की। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि यहां कार्रवाई नियमों के आधार पर होती है या पहचान और चेहरे देखकर? एक तरफ अधिकारी यातायात सुधार के नाम पर मीटिंग और बयानबाजी करते नजर आते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे निर्माण को खुली छूट देकर खुद ही अव्यवस्था को बढ़ावा दे रहे हैं। यह दोहरी नीति अब खुलकर सामने आ रही है।मामला अब सिर्फ एक कॉम्प्लेक्स का नहीं रहा, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर उंगली उठने लगी है। अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में सड़कें पार्किंग स्थल बनेंगी और अधिकारी फिर व्यवस्था सुधारने का रटा-रटाया राग अलापते नजर आएंगे।
बिना पार्किंग, मुख्य सड़क पर कॉम्पलेस!*
बिलासपुर रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के धड़ल्ले से कॉम्पलेस निर्माण की पहल को शहरी योजना और यातायात व्यवस्था के लिहाज से चिंताजनक माना जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि इससे भविष्य में जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।जिस तरह कुछ वर्ष पहले रानीसागर में करोड़ो के बने अवैध मकान को प्रशासन ने तोड़ा था ठीक वैसे ही नेशनल हाईवे पर बन रहे काम्प्लेक्स जिसमे गाड़ी पार्किंग जैसी अन्य सुविधा नही होने पर भविष्य में ये टूट भी सकता है।
*मुख्यालय में ये हाल, तो ग्रामीण क्षेत्र का क्या?*
शहर के बीचों-बीच नियमों को लेकर उठते सवालों ने व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी बहस छेड़ दी है। नागरिकों का कहना है कि यदि मुख्यालय में ही नियमों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है, तो दूरस्थ क्षेत्रों में स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।स्थानीय व आसपास के लोगो का कहना है कि जिला कलेक्टर बिलासपुर रोड पर बन रहे काम्प्लेक्स को संज्ञान में लेकर तत्काल कार्यवाही करें, जिससे दुद का दुद और पानी का पानी हो जाये।
*आंखें मूंदकर चुप्पी क्यों?* पूरे मामले में कार्रवाई की धीमी गति को लेकर लोगों में गहरा असंतोष है। नागरिकों ने मांग की है कि पेड़ कटाई, दीवार तोड़ने, स्टे की स्थिति और निर्माण अनुमति की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्य सार्वजनिक किए जाएं, ताकि जनहित और कानून व्यवस्था दोनों की विश्वसनीयता बनी रहे।
फिलहाल यह मामला सारंगढ शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोगों की नजर प्रशासनिक जांच व नियमानुसार कार्रवाई पर टिकी हुई है, ताकि किसी भी तरह की भ्रांति समाप्त हो और नियम-कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित हो सके।



