जिला अस्पताल सारंगढ़ की ओपीडी में 29 डॉक्टरों में से सिर्फ 2,4 ही उपलब्ध, वरिष्ठ पत्रकार ने आरटीआई से मांगा हिसाब*

*जिला अस्पताल सारंगढ़ की ओपीडी में 29 डॉक्टरों में से सिर्फ 2,4 ही उपलब्ध, वरिष्ठ पत्रकार ने आरटीआई से मांगा हिसाब*
*सारंगढ़।* जिला अस्पताल सारंगढ़-बिलाईगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शासन के ड्यूटी चार्ट में शाम 5 से 7 बजे की ओपीडी में 29 डॉक्टरों की ड्यूटी है, जिसमें आई स्पेशलिस्ट डॉ. प्रीतम राज भी शामिल हैं। लेकिन हकीकत में मुश्किल से 1 या 2 डॉक्टर ही मिलते हैं। वो भी फोन करने पर और निर्धारित समय के बाद।
वरिष्ठ पत्रकार नत्थू लाल अग्रवाल ने बताया कि अधिकांश डॉक्टरों का शहर के निजी नर्सिंग होम से अनुबंध है। ये सरकारी तनख्वाह ले रहे हैं लेकिन मरीजों का इलाज निजी प्रैक्टिस में कर रहे हैं। गरीब मरीज शाम को इलाज के लिए आता है और खाली कुर्सी देखकर लौट जाता है।
*आरटीआई में भी नहीं दी जानकारी*
श्री अग्रवाल ने 24.06.2026 को सीएमएचओ से आरटीआई लगाकर पिछले 3 माह का डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर और बायोमैट्रिक हाजरी मांगी थी। 30 दिन बीत जाने के बाद भी जानकारी नहीं दी गई। जिससे स्पष्ट है कि विभाग कुछ छुपा रहा है। इस संबंध में उन्होंने 27.07.2026 को सीएमएचओ को सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील भी प्रस्तुत की है।
*अन्य मुद्दे*
1. सरकार द्वारा खोला गया पंचकर्म केंद्र आज बंद पड़ा है। आयुर्वेद का लाभ जनता को नहीं मिल रहा।
2. शहर का पशु चिकित्सालय है लेकिन वहां इलाज की जगह नहीं। पूरी बिल्डिंग बन गई। न दवा मिलती है न इलाज। गौ सेवा प्रभावित हो रही है।
*मांग*
अग्रवाल ने मांग की है कि शाम 5-7 बजे ओपीडी में बायोमैट्रिक हाजरी और सीसीटीवी से मॉनिटरिंग हो। दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई हो। बंद पड़े पंचकर्म केंद्र और पशु चिकित्सालय को 15 दिन में चालू किया जाए।
यदि मांगें नहीं मानी गईं तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।



