
रवि भगत बोले- बच्चों को घटिया साइकिल बांटी गईः रायगढ़ के स्कूल में हंगामा, कार के सामने लेटे पूर्व BJYM अध्यक्ष; घसीटकर थाने ले गई पुलिस
रायगढ़
रवि भगत ने साइकिल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध किया।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक स्थित शासकीय हाई स्कूल कूपाकानी में सरकारी योजना के तहत छात्राओं को साइकिलें बांटी जानी थीं। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई थीं। तभी भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत वहां पहुंचे और साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध किया।
रवि भगत ने कहा कि साइकिल पर ‘हीरो’ लिखा है, जबकि उस पर ‘कावेरी’ का स्टीकर लगा है। उन्होंने बिल और रसीद दिखाने की मांग की, ताकि यह पता चल सके कि आखिर इनकी कीमत क्या है।
विरोध के बाद स्कूल के प्राचार्य ने इसकी सूचना थाने में दी। इसके बाद पुलिस ने रवि भगत को हिरासत में ले लिया। हिरासत का भी रवि ने विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घसीटकर गाड़ी में बिठाया। इसका वीडियो भी सामने आया है।
अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, ग्राम कूपाकानी के शासकीय हाई स्कूल में मंगलवार (28 जुलाई) को 7 छात्राओं को साइकिलें वितरित की जानी थीं। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। इसी दौरान रवि भगत वहां पहुंचे और साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए हंगामा करने लगे।
स्थिति को देखते हुए स्कूल के प्राचार्य ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि शासन की योजना के तहत आई साइकिलों का वितरण किया जा रहा है। इसके बावजूद रवि भगत विरोध करते रहे और स्कूल परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
प्राचार्य ने उच्चाधिकारियों को दी जानकारी
रवि भगत ने उच्चाधिकारियों को बुलाने की बात कहते हुए गुणवत्ता विहीन साइकिल को वितरण नहीं करने देने की बात कही। जिसके बाद प्राचार्य ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को देते हुए थाना में इसकी सूचना दी।
बच्चों को उनके हक से वंचित किया – रवि
रवि भगत ने कहा कि साइकिल हीरो कंपनी की बताई गई, लेकिन उस पर कावेरी का स्टीकर लगा था। इस तरह की साइकिलें बांटना बच्चों के साथ अन्याय है। उन्हें गुमराह किया जा रहा है।
स्कूल में सिखाया जाता है कि सच के लिए बोलिए, अपने हक के लिए बोलिए, लेकिन यहां बच्चों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है। प्रशासन से अनुरोध है कि गरीब बच्चों का हक मत मारिए। उनके खातों में पैसे डाल दीजिए, ताकि वे अपनी पसंद की अच्छी साइकिल खरीद सकें।



