बरमकेला तहसीलदार पुष्पेंद्र राज ने ग्राम भंवरपुर का किया औचक निरीक्षण, विद्यालय एवं आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं का लिया जायजा।*
*बरमकेला तहसीलदार पुष्पेंद्र राज ने ग्राम भंवरपुर का किया औचक निरीक्षण, विद्यालय एवं आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं का लिया जायजा।*
बरमकेला। तहसीलदार पुष्पेंद्र राज ने ग्राम भंवरपुर का औचक निरीक्षण कर शासकीय विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता, शैक्षणिक गतिविधियों तथा उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई आधारभूत समस्याएं सामने आईं। विद्यालय की बाउंड्री वॉल अधूरी पाई गई, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंता व्यक्त की गई। इसके अलावा शौचालय जर्जर अवस्था में मिला तथा किचन शेड भी क्षतिग्रस्त पाया गया, जिससे मध्यान्ह भोजन संचालन एवं विद्यार्थियों की सुविधा प्रभावित होने की संभावना जताई गई वहीं शिक्षा के गुणवत्ता संतोषजनक पाया।
तहसीलदार ने विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में पाया गया, जिसके कारण केंद्र का संचालन अन्यत्र किराये के मकान पर चलाया जाना पाया गया । उन्होंने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर भवन की मरम्मत अथवा नवीन भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।आंगनबाड़ी केंद्र 2में कुपोषण के शिकार बच्चे पायेगा गए जिसे संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया और सुपोषण प्र ध्यान देने कहा।
निरीक्षण के अंत में एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष के आग्रह पर तहसीलदार पुष्पेंद्र राज ने विद्यालय परिसर में गुलमोहर का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया। और ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि के साथ तहसीलदार महोदय को आवेदन दिया मुक्तिधाम सड़क निर्माण के संबंध में और जल्द आवेदन पर निराकरण का गुहार लगाया।
तहसीलदार श्री पुष्पेंद्र राज ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण में सामने आई सभी कमियों के निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यालय एवं आंगनबाड़ी में मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जा सकें।



