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बैगलेस शनिवार पर पीएम श्री सेजेस सरसीवा में दिखी शिक्षा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

बैगलेस शनिवार पर पीएम श्री सेजेस सरसीवा में दिखी शिक्षा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

साक्षरता रैली निकालकर दिया शिक्षा का संदेश, पोला तिहार की गतिविधियों में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

सारंगढ़ बिलाईगढ़/ शासन की मंशा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता, रचनात्मक गतिविधियों, स्थानीय संस्कृति एवं लोक परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से बस्ता रहित शनिवार यानी बैगलेस डे के तहत पीएम श्री सेजेस सरसीवा में विभिन्न शैक्षणिक, रचनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय में आयोजित गतिविधियों के दौरान जहां विद्यार्थियों ने साक्षरता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया, वहीं पोला तिहार की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझा।
साक्षरता रैली निकालकर दिया शिक्षा का संदेश
कार्यक्रम के अंतर्गत साक्षरता दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर से साक्षरता जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता की। विद्यार्थियों ने अपने हाथों में साक्षरता एवं शिक्षा से संबंधित पोस्टर और संदेश लिखी तख्तियां लेकर रैली में हिस्सा लिया।
रैली के दौरान विद्यार्थी “पढ़ेगा भारत, आगे बढ़ेगा भारत” जैसे नारों के माध्यम से शिक्षा के महत्व का संदेश देते हुए आगे बढ़े। विद्यार्थियों ने लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और समाज में साक्षरता के महत्व को समझाने का प्रयास किया। रैली के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं बल्कि परिवार, समाज और देश की प्रगति की महत्वपूर्ण आधारशिला है।

संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने रखे अपने विचार
साक्षरता रैली के बाद विद्यालय परिसर में साक्षरता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने साक्षरता के महत्व, शिक्षा की आवश्यकता और समाज के विकास में शिक्षा की भूमिका को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किए गए पोस्टर एवं चित्र भी प्रस्तुत किए। इन पोस्टरों और चित्रों के माध्यम से बच्चों ने शिक्षा, साक्षरता और जागरूकता से जुड़े विभिन्न संदेशों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई सामग्री का अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मकता और सहभागिता को प्रोत्साहित किया।

पोला तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जुड़े बच्चे
साक्षरता से संबंधित गतिविधियों के बाद विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व पोला तिहार के महत्व और इसकी सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। शासन द्वारा बैगलेस शनिवार के अंतर्गत स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं से विद्यार्थियों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी क्रम में विद्यालय में पोला तिहार को लेकर विद्यार्थियों के लिए कई रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
विद्यार्थियों ने मिट्टी एवं लकड़ी से पोला बैल तैयार किए और उन्हें आकर्षक ढंग से सजाकर विद्यालय लेकर आए। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता का उपयोग करते हुए अलग-अलग आकार एवं रूप में बैल तैयार किए। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक रूप से पोला पर्व में उपयोग होने वाले बैलों के महत्व को समझने का अवसर मिला।
इसी तरह विद्यार्थियों ने मिट्टी से फल एवं सब्जियों की आकृतियां तैयार कीं और उनमें आकर्षक रंग भरे। बच्चों ने बैल, फल एवं सब्जियों से संबंधित चित्र भी बनाए। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी कला एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
रंगोली और चित्रकला में दिखी बच्चों की रचनात्मकता
पोला तिहार की थीम पर विद्यालय में रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने पोला पर्व, बैल, ग्रामीण जीवन और छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं से जुड़े चित्र एवं रंगोली तैयार की।

पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। इससे विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जुड़े रंगों को प्रदर्शित किया।

“हमर सुघ्घर छत्तीसगढ़” पर बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों ने “हमर सुघ्घर छत्तीसगढ़” गीत पर सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। बच्चों की इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। गीत और नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपरा और अपनी मिट्टी से जुड़ाव को प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के हेडमास्टर सुन्दरलाल एव अंजुलता सहित शिक्षकों , कुलदीप, केशव, भूपेंद्र, शिव शंकर, कमल, लोकेश, आरती, अनिशा, यामिनी, गायत्री एवं रजनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

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