सारंगढ़ जिला मुख्यालय में रोटावायरस टीके की कमी, शिशुओं के स्वास्थ्य पर संकट

सारंगढ़ खबर न्यूज,सारंगढ—-
6 सप्ताह से 10 सप्ताह तथा 6 माह तक के बच्चों में डायरिया की रोकथाम के लिए शासन द्वारा निशुल्क रोटावायरस टीका उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन डायरिया के इस सीजन और भीषण गर्मी के दौरान, जब शिशुओं में निर्जलीकरण और डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में जिला मुख्यालय सारंगढ़ स्थित जिला अस्पताल में रोटावायरस टीके की कमी बनी हुई है।
टीके के अभाव के कारण शिशुओं के माता-पिता अपने बच्चों को टीका लगवाने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। इस संबंध में जब जिला अस्पताल के टीकाकरण केंद्र से संपर्क किया गया, तो वहां के कर्मचारियों ने बताया कि सारंगढ़ में वर्तमान में रोटावायरस टीके की कमी है, जिसके चलते जिला मुख्यालय में भी यह टीका उपलब्ध नहीं है।
इस महत्वपूर्ण टीकाकरण योजना के प्रति जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। एक ओर सरकार निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे करते हुए मीडिया में प्रचार-प्रसार कर रही है और दवाइयों व टीकों की खरीद पर भारी खर्च का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि आवश्यक रोटावायरस टीका तक उपलब्ध नहीं है।
यह स्थिति यह दर्शाती है कि सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि आम जनता, विशेषकर शिशु और उनके परिजन, इसकी कीमत चुका रहे हैं।

