**जिला अस्पताल सारंगढ़ में ऑपरेशन आरम्भ, बच्चे के जन्म से सफल** *एनेस्थीसिया डॉक्टर की पोस्टिंग के बाद प्रसव का पहली बार हुआ सफल सिजेरियन ऑपरेशन

** पूर्व कलेक्टर संजय कन्नौजे की मेहनत रंग लाई**
सारंगढ़——–/जिले के पूर्व और संवेदनशील कलेक्टर संजय कन्नौजे की आखिर मेहनत रंग लाई,उनके द्वारा पूर्व में सारंगढ जिला चिकित्सालय में मरीजो की हालत को देखते हुए एनेस्थीसिया डॉ की मांग किये थे,जो अब जाकर पूरा हुआ है।पर उनके रहते संभव नही हो पाया।कन्नौजे द्वारा बारबार जिला अस्पताल का परीक्षण किया जाता रहा,जिसमे उनको पता चला जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की पदस्थापना नहीं होने के कारण सिजेरियन तथा मेजर सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कन्नौजे ने चिकित्सा, शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ की एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. कुंती नायक की सेवाएं सप्ताह में दो दिवस, सोमवार एवं मंगलवार को जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में प्रदान करने की अनुमति दी गई है। जिले के नागरिकों के लिए ख़ुशखबरी है।
*बड़े शहरों की निर्भरता से मिली आजादी*
/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप जिले में विकास की गाथा निरंतर लिखी जा रही है।तत्कालीन कलेक्टर संजय कन्नौजे एवं वर्तमान कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के प्रयास पर सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. कुन्ती नायक की पोस्टिंग, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रानू मनहर और उनकी टीम ने पहले ही दिन सोमवार को सुरक्षित प्रसव कराकर जिला चिकित्सालय सारंगढ़ के नाम उपलब्धि दर्ज की है। यह गर्भवती माताओं के प्रसव काल के लिए वरदान है।
इस बेहद संवेदनशील और पहले ऑपरेशन की कमान जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रानू मनहर ने संभाली। डॉ. मनहर और उनकी पूरी तरह ट्रेंड व मुस्तैद मेडिकल टीम ने अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए ऑपरेशन को शत-प्रतिशत सफल बनाया। ऑपरेशन के बाद किलकारी गूंजते ही पूरा अस्पताल स्टाफ खुशी से झूम उठा। वर्तमान में मां और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
*आदेश निकलते ही काम शुरू*
सारंगढ़ जिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन की राह में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी सबसे बड़ा रोड़ा बनी हुई थी। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा था। नतीजा यह हुआ कि संचालक चिकित्सा शिक्षा द्वारा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. कुन्ती नायक की सेवाएं जिला चिकित्सालय सारंगढ़ के लिए जारी की गईं। डॉ. नायक के कार्यभार संभालते ही, अस्पताल प्रबंधन ने बिना एक पल गंवाए 01 जून 2026 को इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को हरी झंडी दी है।
जिला चिकित्सालय सारंगढ़ ने आज स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचकर अपनी उपयोगिता और क्षमता का लोहा मनवा दिया है। वर्षों से जिस आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत क्षेत्र की जनता को थी, वह सपना आज सच हो गया। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के कुशल निर्देशन, सीएमएचओ डॉ पुष्पेन्द्र वैष्णव व सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आज जिला चिकित्सालय में पहला सफल (सिजेरियन) ऑपरेशन पूरी कामयाबी के साथ संपन्न किया गया।
*गरीब परिवारों को मिली बड़ी राहत*
इस बड़ी कामयाबी पर गर्व व्यक्त करते हुए सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने कहा, यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं है, बल्कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है। कलेक्टर के विजन के कारण आज हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। अब हमारे क्षेत्र की गरीब और मध्यमवर्गीय गर्भवती माताओं को सिजेरियन या किसी भी जटिल प्रसव के लिए रायगढ़, बिलासपुर या महंगे प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। उन्हें उनके घर के पास ही यह बेहद खर्चीली सुविधा बिल्कुल मुफ्त और विश्वस्तरीय मानकों के साथ मिलेगी।
इस निर्णय से जिला चिकित्सालय में सिजेरियन एवं अन्य जटिल ऑपरेशन की सुविधाएं बेहतर होंगी तथा मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। साथ ही मरीजों को रायगढ़ अथवा अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता भी कम होगी। शासन का यह निर्णय आम जनता के हित में महत्वपूर्ण कदम है। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए कलेक्ट संजय कन्नौजे द्वारा प्रयास किए गए थे। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव और सिविल सर्जन डॉ. दीपक कुमार जायसवाल ने जिले में अब बड़ी ऑपरेशन होने की बात कही।



