पिछले वर्ष रायगढ़ में 55 हजार बार कड़की बिजली

**पिछले वर्ष रायगढ़ में 55 हजार बार कड़की बिजली**
बादलों की तेज गड़गड़ाहट और फ्लैश लाइट के साथ चमकती बिजली मानसून के आने का संकेत सी देती हैं। अगले सप्ताहभर में मानसून के छत्तीसगढ़ पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इसी के साथ प्रदेश में बादल गरजने और बिजली गिरने की घटनाएं शुरू हो जाएंगी। छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी खबर यह है कि पिछले साल प्रदेश के रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 55122 बार बिजली चमकी है। छत्तीसगढ़ का यह जिला बिजली चमकने के मामले में देश के टॉप-10 जिले में शामिल है। मानसून की पहचान बारिश, बादल गरजने और बिजली के चमकने से है। इससे जान-माल की हानि होती है। इसीलिए मौसम विभाग इन तीनों ही गतिविधियों के डेटा संग्रह करता है।
2025 के मानसून में जून, जुलाई, अगस्त में बिजली चमकने या गिरने वाले टॉप-10 जिलों में सबसे ज्यादा राजस्थान के जिले हैं।
**जानिए… क्यों कड़कती है रायगढ़ में ज्यादा बिजली**
राजस्थान में 2025 के मानसून सीजन के दौरान सबसे अधिक लाइटनिंग दर्ज होने का प्रमुख कारण वहां की अत्यधिक गर्म सतह और अरब सागर से आने वाली नमी का टकराव है। वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भी लाइटनिंग गतिविधियां काफी अधिक रहीं। इसका कारण उच्च तापमान, मानसूनी नमी, स्थानीय मौसमीय अस्थिरता और औद्योगिक क्षेत्र होने से उत्पन्न अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां मानी जा रही हैं। रायगढ़ में 55,122 लाइटनिंग फ्लैश और 7.82 की लाइटनिंग डेंसिटी दर्ज की गई।



