विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने सुबह 7 बजे से फील्ड में उतरे जिला पंचायत सीईओ
मजदूरों को अधिकतम रोजगार देने के निर्देश

विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने सुबह 7 बजे से फील्ड में उतरे जिला पंचायत सीईओ
* मजदूरों को अधिकतम रोजगार देने के निर्देश
*सारंगढ जनपद के बटाउपाली ब, डोमाडीह, कपरतुंगा, मल्दा ब, फर्सवानी एवं अमझर (मकरी) सहित दूरस्थ पंचायतों में निर्माण कार्यों का सघन निरीक्षण।

सारंगढ खबर न्यूज,,सारंगढ——–ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री ऋषिकेश तिवारी सुबह 7 बजे से ही मैदानी दौरे पर निकले। उन्होंने जिले की दूरस्थ ग्राम पंचायतों—बटाउपाली ब, डोमाडीह, कपरतुंगा, मल्दा ब, फर्सवानी एवं अमझर (मकरी) में पहुंचकर चल रहे निर्माण कार्यों का सघन निरीक्षण किया।
**NMMS से शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने के कड़े निर्देश**
दौरे के दौरान श्री तिवारी ने विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (NMMS) के माध्यम से अधिक से अधिक मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जाए। उन्होंने कार्यस्थलों पर पारदर्शिता बनाए रखने और समय पर मस्टररोल भरने की हिदायत दी।
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने प्रमुख रूप से:
* आंगनबाड़ी भवन निर्माण
* आजीविका संवर्धन हेतु डबरी निर्माण
* मिट्टी-मुरम सड़क निर्माण
* बालिका शौचालय निर्माण
* प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्य
* मुक्तिधाम निर्माण
* किचन शेड निर्माण
जैसे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की बारीकी से जांच की।
**श्रमिकों की सुविधाओं का लिया जायजा**
कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए छाया, शुद्ध पेयजल तथा फर्स्ट-एड किट (प्राथमिक उपचार) की व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। श्री तिवारी ने मौके पर उपस्थित रोजगार सहायकों, सरपंचों एवं पंचायत सचिवों से संवाद कर निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
VBGRAMG योजना के प्रावधान(दिशानिर्देश)अनुसार संभावना है कि 01 नवंबर से चरम कृषि मौसम के चलते रहेगा कार्य विराम: 01 नवंबर से चरम कृषि मौसम (फसल कटाई) के दौरान गांवों में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शासन के निर्देशानुसार कार्यों को बंद रखा जाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए, 1 नवंबर से पूर्व अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पर्याप्त संख्या में रोजगारमूलक कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।



