पूर्व अध्यक्ष लाल वीरेंद्र बहादुर तिवारी को अधिवक्ता संघ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

पूर्व अध्यक्ष लाल वीरेंद्र बहादुर तिवारी को अधिवक्ता संघ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारंगढ़। जिला अधिवक्ता संघ सारंगढ़ के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता लाल वीरेंद्र बहादुर तिवारी के निधन पर गुरुवार को जिला अधिवक्ता संघ द्वारा न्यायालय परिसर में एक आकस्मिक शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोकसभा में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं संघ के पदाधिकारियों ने उनके व्यक्तित्व एवं अधिवक्ता जगत में दिए गए योगदान को याद करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया।
श्रद्धांजलि सभा में अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. मनोज प्रजापति, श्री संतोष महोबिया एवं श्री हरिश्चंद्र मिश्रा, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी निकसन डेविड लकड़ा, व्यवहार न्यायाधीश श्री आशीष डेहरिया एवं कु. नेताम सहित जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री विजय कुमार तिवारी, पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए जिला अधिवक्ता संघ के प्रवक्ता अधिवक्ता दीपक तिवारी ने कहा कि स्वर्गीय लाल वीरेंद्र बहादुर तिवारी केवल एक सफल अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार भी थे। वे उत्कृष्ट गायक एवं संगीतकार थे तथा ऑर्केस्ट्रा के लगभग सभी वाद्य यंत्रों को दक्षता से बजा लेते थे। उनकी विशेषता यह भी थी कि वे पुरुष और महिला दोनों स्वर में समान सहजता से गायन करते थे। अधिवक्ता बनने से पूर्व उन्होंने सारंगढ़ संगीत समिति तथा नवनीत ऑर्केस्ट्रा ग्रुप का सफल संचालन किया था।
उन्होंने बताया कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में सारंगढ़ में अपर सत्र न्यायालय के लिंक कोर्ट की स्थापना की मांग को सफलता मिली। बाद में इस लिंक कोर्ट को स्थायी न्यायालय का दर्जा प्राप्त हुआ तथा उनके कार्यकाल में ही अपर सत्र न्यायालय भवन का शिलान्यास भी संपन्न हुआ। न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्वर्गीय लाल वीरेंद्र बहादुर तिवारी सहज, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। वे हमेशा जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे रहते थे। उनके निधन से अधिवक्ता संघ ने एक कर्मठ, जुझारू और अनुभवी साथी को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
शोक प्रस्ताव का वाचन जिला अधिवक्ता संघ के सचिव कुलदीप राज पटेल ने किया। इसके पश्चात उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं अतिथियों ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
अंत में दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तथा ईश्वर से उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई। जिला अधिवक्ता संघ की ओर से शोक संतप्त परिवार के नाम संवेदना-पत्र भी प्रेषित किया गया।



