
सारंगढ खबर न्यूज,सारंगढ/रायपुर—-
लोगों की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक अधिकारियों को यह दो टूक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शालीनता और संवेदनशीलता ही प्रशासनिक अधिकारी की पहचान होनी चाहिए और आमजन के साथ व्यवहार में धैर्य व सम्मान जरूरी है।
प्रदेश में 1 मई से सुशासन तिहार शुरू हो गया, यह 10 जून तक आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यालय और फील्ड स्तर पर अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका आचरण सरकार की छवि तय करता है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समाधान पर केंद्रित रहें। संवाद तभी सार्थक है, जब उसमें संवेदना हो और समस्याओं के निराकरण की नीयत दिखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई आम नागरिक शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह महसूस होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार हो रहा है।
अधिकारियों के कार्य के साथ व्यवहार भी देखेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के दौरान वे स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के कार्य के साथ उनके व्यवहार पक्ष का भी अवलोकन करेंगे। जनसंपर्क के दौरान अधिकारियों की संवेदनशीलता, शालीनता और जवाबदेही को प्राथमिकता के साथ परखा जाएगा। बता दें कि प्रदेश में 1 मई से 10 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत पंचायत और वार्ड स्तर पर आवेदन लेकर जनसमस्याओं का निराकरण किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।