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सरकारी मंच का राजनीतिकरण बर्दाश्त नहीं, सुशासन तिहार में कांग्रेसी विधायक का भाषण शर्मनाक और हास्यास्पद–वेदराम जांगड़े*

**सरकारी मंच का राजनीतिकरण बर्दाश्त नहीं, सुशासन तिहार में कांग्रेसी विधायक का भाषण शर्मनाक और हास्यास्पद–वेदराम जांगड़े**
**​शराबबंदी का गंगाजल उठाकर कसम खाने वाली कांग्रेस आज किस मुंह से कर रही है राजनीति, विधायक पहले अपने घर-आंगन को देखें, फिर दूसरों को नसीहत दें**
सारंगढ/​बिलाईगढ़—-
​ग्राम पंचायत धाराशिव में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के पवित्र और शासकीय मंच को बिलाईगढ़ की कांग्रेसी विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे द्वारा राजनीतिक अखाड़ा बनाए जाने पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता वेदराम जांगड़े ने कड़ी निंदा करते हुए यह स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यक्रमों की एक गरिमा होती है, जिसे बिलाईगढ़ कांग्रेसी विधायक ने अपनी दूषित राजनीति की भेंट चढ़ा दिया।
**सरकारी मंच को बनाया राजनीति का अड्डा**
​”गत २२ मई को धाराशिव में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ विशुद्ध रूप से एक सरकारी कार्यक्रम था, जहां जनता की समस्याओं का निवारण और सुशासन की बात होनी थी। लेकिन कांग्रेसी विधायक ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर इस पवित्र मंच से रायपुर जाकर शराबबंदी के लिए आंदोलन करने जैसी खोखली और राजनीतिक बातें कीं। शासकीय मंच से ऐसी ओछी बयानबाजी करना कतई स्वीकार्य नहीं है।”
**कांग्रेस का इतिहास! गंगाजल की झूठी कसम और गांव-गांव में शराब**
​कांग्रेसी विधायक को उनके दल का मैं इतिहास याद दिलाता हूं।
*​झूठे वादे! पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ की मेरे भोली-भाली जनता से, विशेषकर माताओं-बहनों से गंगाजल हाथ में लेकर पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था।
*​भावनाओं से खिलवाड़! सत्ता पाने के लिए कांग्रेस ने जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया, लेकिन ५ साल सरकार में रहने के बाद भी शराबबंदी नहीं की।
*​*गांव-गांव में पहुंचाई शराब** शराबबंदी करना तो दूर, कांग्रेस शासनकाल में गांव-गांव, गली-गली अवैध रूप से शराब बिकवाने और कोचियों को संरक्षण देने का पाप किया गया।
​”जो पार्टी खुद ५ साल तक प्रदेश को शराब के नशे में धकेलती रही, उसके जनप्रतनधि आज किस नैतिक अधिकार से शराबबंदी की बात कर रहे हैं? यह केवल और केवल राजनीतिक नौटंकी है।”
*​*बिलाईगढ़ विधायक को नसीहत** बिलाईगढ़ विधायक पहले घर संभालें, फिर राजनीति करें,वेदराम जांगड़े ने विधायक कविता प्राण लहरे को ये नसीहत दी है,कि वे दूसरों को नसीहत देने और रायपुर जाकर प्रदर्शन करने की नौटंकी बंद करें। यदि उन्हें वास्तव में शराबबंदी की इतनी ही चिंता है, तो सबसे पहले वे अपने घर-आंगन और अपने करीबियों से इसकी शुरुआत करें। अपने घर के भीतर शराब पीने वालों को रोकने में नाकाम विधायक का शासकीय मंच से ऐसा भाषण देना उनकी हताशा , निराशा और दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
​उपसंहार के रूप में मैं स्पष्ट रूप से बड़ी सम्मान के साथ श्रीमती कविता प्राण लहरे जी से यही कहूंगा।
​भारतीय जनता पार्टी सुशासन तिहार के मंच पर की गई कांग्रेसी विधायक की इस अशोभनीय हरकत की कड़ी से कड़ी निंदा करता हु। कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि जनता अब उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। शासकीय कार्यक्रमों को अपनी दूषित राजनीति का शिकार बनाने के बजाय, विधायक को क्षेत्र के विकास पर ध्यान देना चाहिए। जनता कांग्रेस के ५ साल के उस ‘कुशासन’ को नहीं भूली है, जहां सिर्फ वादे किए गए और निभाया एक भी नहीं गया।
​- वेदराम जांगड़े प्रदेश प्रवक्ता
भारतीय जनता पार्टी (छत्तीसगढ़)

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