Big Breaking: छत्तीसगढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका, विधायक विद्यावती सिदार के पति का निधन

Big Breaking: छत्तीसगढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका, विधायक विद्यावती सिदार के पति का निधन
छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार के पति कुंजबिहारी सिदार का देर रात निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव कुंजेमुरा में किया जाएगा।
Congress MLA Husband Dies: रायपुर के निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज
जानकारी के अनुसार, कुंजबिहारी सिदार का स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से खराब था। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजन, समर्थक और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शोक व्यक्त करने पहुंचे।
कुंजबिहारी सिदार एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखते थे। उनके पिता प्रेम सिंह सिदार लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके थे। परिवार का लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ाव रहा है। उनके परिवार में पुत्र अभिषेक सिदार और पुत्री प्रेरणा सिदार हैं।
विद्यावती सिदार का रहा सक्रिय राजनीतिक सफर
कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार भी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वे जनपद सदस्य रहने के साथ जिला महिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में वे टिकट की प्रबल दावेदार थीं, हालांकि उस समय पार्टी ने चक्रधर सिंह सिदार को उम्मीदवार बनाया था।इसके बाद वर्ष 2020 में उन्होंने जिला पंचायत (डीडीसी) का चुनाव भी लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए रखी और लगातार पार्टी कार्यक्रमों एवं जनसंपर्क अभियानों में हिस्सा लिया।
महिला प्रत्याशी के रूप में दर्ज की जीत
बाद में भाजपा द्वारा महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारे जाने के बाद कांग्रेस ने भी विद्यावती सिदार को उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुनीति राठिया को 4,176 मतों से हराकर विधानसभा पहुंचीं। उनकी पहचान क्षेत्र में एक सक्रिय और संघर्षशील जनप्रतिनिधि के रूप में रही है।
कुंजबिहारी सिदार के निधन से उनके परिवार के साथ-साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों में गहरा शोक है। कई राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।



