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शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर जोर

शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर जोर

VSK पोर्टल पर समय पर ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य, इसी आधार पर तैयार होगा आगामी माह का वेतन

20 और 25 तक पहाड़े सिखाने के निर्देश, मिड-डे मील में हरी सब्जियों के उपयोग के साथ किचन गार्डन विकसित करने पर जोर

बरमकेला। विकासखंड सारंगढ़ में माननीय शिक्षा मंत्री एवं कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकासखंड अंतर्गत संचालित विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन की योजनाओं एवं निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहेरिया, समग्र शिक्षा नोडल अधिकारी नरेश चौहान, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोमा सिंह ठाकुर, एबीओ डोंगरे सहित विकासखंड के समस्त प्राचार्य एवं शैक्षिक समन्वयक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने विद्यालयवार विभिन्न गतिविधियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

VSK पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति होगी महत्वपूर्ण

समीक्षा बैठक में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर विशेष रूप से निर्देश जारी किए गए। सभी शिक्षकों के लिए VSK पोर्टल पर प्रातः 10 बजे से पूर्व तथा शाम 4 बजे के पश्चात ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी के आधार पर ही आगामी माह के वेतन की प्रक्रिया तैयार की जाएगी।

इसलिए सभी शिक्षकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करने तथा ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने विद्यालय प्रमुखों से भी कहा कि वे अपने-अपने विद्यालयों में इस व्यवस्था की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता मजबूत करने पर जोर

बैठक में विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को 20 तक पहाड़े तथा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक पहाड़े अनिवार्य रूप से सिखाने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने कहा कि गणित विषय में बच्चों की पकड़ मजबूत करने के लिए पहाड़ों का नियमित अभ्यास आवश्यक है। इसके लिए विद्यालयों में कक्षा स्तर पर अभ्यास कराया जाए और शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की प्रगति का लगातार आकलन किया जाए। केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थी अपनी कक्षा के अनुरूप आवश्यक बुनियादी दक्षताओं को हासिल कर रहे हैं।

मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी

बैठक में विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सभी विद्यालयों में भोजन गैस सिलेंडर के माध्यम से पकाने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिड-डे मील में हरी सब्जियों का बदल-बदलकर उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया।

विद्यालयों में उपलब्ध स्थान के अनुसार किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि किचन गार्डन के माध्यम से विद्यालय परिसर में हरी सब्जियों का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को पौधों की देखभाल, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति व्यवहारिक जानकारी भी प्राप्त होगी।

मुस्कान पुस्तकालय को सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश

बैठक में विद्यालयों में संचालित मुस्कान पुस्तकालय की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि पुस्तकालय केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकों के पठन के लिए प्रेरित किया जाए। बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उनकी भाषा एवं समझ क्षमता में वृद्धि के लिए पुस्तकालय का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

पुस्तक स्कैनिंग और इंस्पायर अवॉर्ड की ऑनलाइन प्रक्रिया पर ध्यान

विद्यालयों में पुस्तक स्कैनिंग से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रमुखों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही इंस्पायर अवॉर्ड की ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच एवं नवाचार की भावना को बढ़ावा देने के लिए इंस्पायर अवॉर्ड जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। इसलिए पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर ऑनलाइन प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए, ताकि किसी भी विद्यार्थी को योजना का लाभ लेने से वंचित न होना पड़े।

विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने पर भी जोर

समीक्षा बैठक में विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने विद्यालय स्तर से आवश्यक दस्तावेज एवं प्रक्रिया संबंधी सहयोग उपलब्ध कराते हुए पात्र विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं एवं छात्रवृत्ति सहित अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ लेने में आवश्यक दस्तावेजों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों के दस्तावेजों की स्थिति की जानकारी रखी जाए और जहां आवश्यकता हो, वहां संबंधित परिवारों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाए।

विभागीय ग्रुप के संदेशों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

बैठक में विभागीय व्हाट्सएप एवं अन्य आधिकारिक ग्रुपों के माध्यम से भेजे जाने वाले निर्देशों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया कि विभागीय ग्रुप में जारी होने वाले संदेशों एवं निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

किसी भी महत्वपूर्ण सूचना या निर्देश को नजरअंदाज नहीं करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उसकी जानकारी संबंधित उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

अधिकारियों ने बैठक के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालयों में संचालित प्रत्येक योजना एवं गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक एवं शैक्षिक समन्वयक अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।

विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं सीखने के स्तर पर नजर रखने, शिक्षकों की जिम्मेदारियों की निगरानी करने तथा शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया।

विद्यालयों की नियमित निगरानी पर जोर

बैठक में अधिकारियों ने प्राचार्यों एवं शैक्षिक समन्वयकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें और वहां की शैक्षणिक एवं व्यवस्थागत स्थिति का जायजा लेते रहें। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ विद्यालय परिसर की स्वच्छता, मध्यान्ह भोजन, पुस्तकालय, किचन गार्डन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जाए।

अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल निर्देश जारी करने से संभव नहीं है, बल्कि सभी स्तरों पर जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने से ही अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इस दिशा में प्राचार्य एवं शैक्षिक समन्वयकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

बैठक के अंत में अधिकारियों ने सभी प्राचार्यों एवं शैक्षिक समन्वयकों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने तथा विद्यालयों में शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की बात कही। समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा किए जाने की बात भी कही गई।

“विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार हमारी प्राथमिकता है। शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता एवं मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।”
सोमा सिंह ठाकुर
बी ई ओ
सारंगढ़

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