अच्छे संगत और विचार से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा*

*उच्च शिक्षा मंत्री ने शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय काॅलेज के स्थापना दिवस पर किया कक्ष का लोकार्पण*
सारंगढ़ बिलाईगढ़, /राजस्व, उच्च शिक्षा, आपदा एवं प्रबंधन, पुनर्वास मंत्री सह सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सारंगढ़ में वृक्षारोपण किया। इसके बाद उच्च शिक्षा मंत्री ने मां शारदा के मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया और वहां जनभागीदारी मद से निर्मित कक्ष का लोकार्पण किया। इस दौरान मंत्री ने वहां उपस्थित बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा लक्ष्मी चन्द्रा के हाथों कैंची से फीता कटवाया। इस अवसर पर काॅलेज प्रांगण में वंदे मातरम् का सामूहिक गीत का गायन किया गया। यह संयोग भी है कि 10 अगस्त 1983 को स्थापित शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सारंगढ़ के स्थापना दिवस में उच्च शिक्षा मंत्री का काॅलेज आगमन हुआ है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी विद्यार्थी पढ़ाई के साथ साथ खेल एवं अन्य पसंदीदा गतिविधि पठन, लेखन, पेंटिंग, गायन जैसे कई विधा में भाग लें। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने सोचने विचारने का उपहार मनुष्य को दिया है। विचार हमारे जिंदगी में बदलाव लाते हैं। कार्य करने से पहले विचार करते हैं। कबीरदास जी के दोहा है-बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछिताय, काम बिगारे आपनो, जग में होत हंसाय। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सबका विचार अच्छा होता है। अच्छा विचार अच्छे संगत से होता है। आपका संगत कैसे लोगों से है यह संगत से ही रंगत होता है। दुर्योधन के गुरू द्रोणाचार्य थे, वहीं उनकी संगत शकुनी से था, जो उनके विचार ही विनाश का कारण बना।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अंतर्गत बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। विज्ञान ने आधुनिक हृदय प्रत्यारोपण को खोजा वहीं हमारे ऋषि मुनियों ने युगों पहले खोज कर ली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा के लिए बजट का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री जब सारंगढ़ आए थे, तो उन्होंने यहां के विकास कार्यों की घोषणा किए थे, बजट में प्रावधान किए हैं। जिला मुख्यालय सारंगढ़ में आॅडिटोरियम तो होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विजन 2047 विकसित भारत का संकल्प दिया है। हम सब मिलकर काम करेंगे तो यह संभव है। मुख्यमंत्री साय ने देश के अग्रणी पंक्ति में छत्तीसगढ़ को रखने का संकल्प लिया है। हमारी सरकार ने ढाई साल में विकास कार्यों को गति दी है, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य की प्रगति हुई है, जो रूकने वाली नहीं है।
सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े ने कहा कि अतिरिक्त कक्ष निर्माण से काॅलेज के बच्चों को सुविधा मिला है। गुरूओं के शिक्षा से बच्चों का विकास होता है। सारंगढ़ काॅलेज में सेमीनार हाॅल की मांग को उच्च शिक्षा मंत्री पूरा करें। आप सभी अच्छा पढ़ाई करें और अपने जीवन में आगे बढ़ें, सफल कैरियर बनाएं। प्राचार्य लोकेश्वर पटेल ने काॅलेज के इतिहास, शैक्षिक अधोसंरचना, प्रोफेसर और विद्यार्थियों की जानकारी देते हुए स्नातकोत्तर क्लास में संस्कृत और गणित कोर्स के साथ सेमिनार हाल का मांग किया। जनभागीदारी अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के आवश्यकता को देखते हुए जनभागीदारी समिति ने सबसे पहले जनभागीदारी मद से इस अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया, जिनका आज लोकार्पण हुआ है।
इस अवसर पर कलेक्टर पदमिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय, उपाध्यक्ष अजय नायक, सदस्य दिनेश जांगड़े, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, गणमान्य नागरिक ज्योतिलाल पटेल, सुभाष जालान, जनभागीदारी समिति के सदस्य, पत्रकारगण, अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में काॅलेज के प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं और एनसीसी, एनएसएस कैडेट उपस्थित थे।
*अच्छे विचार टाॅपिक पर उच्च शिक्षा मंत्री ने सुनाई मिट्टी की कहानी*
प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि विचार मनुष्य की श्रेष्ठ महान बनाते हैं। विचार ही जीवन में बदलाव लाता है। उन्होंने एक लघु कहानी का उदाहरण करते हुए कहा कि एक बार कुम्हार चिलम बना रहा था, तो कुम्हारिन ने पूछा चिलम क्यों बना रहे तो कुम्हान ने कहा कि चिलम का फैशन है। कुम्हारिन ने कहा कि गर्मी का दिन आने वाला है, सुराही बनाओं लोग शीतल जल पीएंगे। कुम्हार ने मिट्टी का आकार बदला तो मिट्टी से आवाज आई। मिट्टी ने कहा कि-कुम्हार ! तेरा तो सिर्फ विचार बदला है, मेरा तो जीवन बदल गया। चिलम होती तो मेरे मुंह में आग डाला जाता खुद जलता दूसरों को जलाता। अब सुराही बनने से मैं शीतल और जल भी शीतल रहेगा।


