विक्रमपाली पुलिया निर्माण कार्य कछुए की चाल से, 3-4 वर्षों बाद भी अधूरा

बरसात नजदीक, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता — आखिर जिम्मेदारों की चुप्पी किस ओर कर रही इशारा?

बरमकेला विकासखंड अंतर्गत विक्रमपाली क्षेत्र में निर्माणाधीन पुलिया और सड़क का कार्य पिछले 3-4 वर्षों से जारी है, लेकिन आज तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। क्षेत्र की जनता लंबे समय से पुलिया निर्माण पूरा होने का इंतजार कर रही है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार ने लोगों की उम्मीदों को निराशा में बदल दिया है।
निर्माण स्थल की स्थिति देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार्य अब भी अधूरा पड़ा हुआ है। कहीं गिट्टी फैली हुई है तो कहीं मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। सड़क के कई हिस्सों में समतलीकरण तक पूरा नहीं हुआ है। पुलिया के आसपास निर्माण सामग्री बिखरी हुई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब इस निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी तब लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही क्षेत्र को बेहतर सड़क और मजबूत पुलिया की सुविधा मिलेगी, जिससे बरसात के दिनों में होने वाली समस्याओं से राहत मिल सकेगी। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है और निर्माण की गति इतनी धीमी है कि लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन चुका है।
पिछले बरसात में लोगों ने झेली भारी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के समय छोटी पुलिया होने के कारण नाले में पानी का बहाव काफी तेज हो गया था। बारिश के दिनों में हालात इतने खराब हो गए थे कि लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया था। तेज बहाव के कारण एक कार पानी में बह गई थी, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान स्कूली बच्चों, किसानों, मजदूरों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। कई बार लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ा। बरसात के दिनों में ग्रामीणों के लिए यह रास्ता परेशानी और खतरे का कारण बन गया था।
इसके साथ ही पुलिया के आसपास की सड़कें भी निर्माणाधीन थीं, जिसके कारण जगह-जगह कीचड़ और गड्ढों की समस्या बनी हुई थी। बाइक चालक फिसलकर गिरते रहे तथा छोटे-बड़े वाहन चालकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय सड़क की स्थिति इतनी खराब हो जाती थी कि लोगों को घंटों जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता था।
इस वर्ष भी मंडरा रहा वही खतरा
अब एक बार फिर बारिश का मौसम नजदीक है, लेकिन निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति देखकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस गति से कार्य चल रहा है, उसे देखकर नहीं लगता कि बरसात से पहले पुलिया और सड़क निर्माण कार्य पूरा हो पाएगा।
यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो इस वर्ष भी लोगों को वही पुरानी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों को डर है कि बारिश शुरू होते ही अधूरी सड़क और अधूरी पुलिया लोगों की मुश्किलें और बढ़ा देगी।
निर्माण स्थल पर अब भी कई जगह सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आते। सड़क किनारे गिट्टी और पत्थरों के ढेर पड़े हुए हैं। कई स्थानों पर मिट्टी धंसने जैसी स्थिति दिखाई दे रही है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो बरसात के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
आखिर ठेकेदार को किसका संरक्षण?
क्षेत्रवासियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर 3-4 वर्षों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हो पाया। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही के बावजूद जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी आम नागरिक द्वारा छोटी सी लापरवाही की जाए तो तुरंत कार्रवाई हो जाती है, लेकिन इतने लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा रहने के बावजूद संबंधित ठेकेदार पर किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
लोगों के बीच यह चर्चा भी हो रही है कि आखिर अधिकारियों की चुप्पी किस ओर इशारा कर रही है। क्या निर्माण कार्य की लगातार देरी पर किसी की जवाबदेही तय की जाएगी या फिर हर वर्ष की तरह इस बार भी जनता केवल आश्वासन ही सुनती रहेगी?
जनता में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार देरी के कारण अब ग्रामीणों और राहगीरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है, इसलिए निर्माण कार्य में लापरवाही का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पुलिया और सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की भी जांच की जाए ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि बरसात से पहले निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले समय में ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
इस संबंध में सेतु निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क कर निर्माण कार्य में हो रही देरी और अधूरे कार्य को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, परंतु समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया। वहीं क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि संबंधित अधिकारी समय-समय पर निर्माण कार्य की निगरानी करते और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई करते, तो शायद आज तक पुलिया निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका होता। अधिकारियों की चुप्पी और निर्माण कार्य की धीमी गति अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनती जा रही है।



