थानाप्रभारी शिवकुमार धारी पर अवैध कार्यों को संरक्षण देने का आरोप
ऐसे थानाप्रभारी के कारण पूरा खाखीवर्दी बदनाम होता है*

*थानाप्रभारी शिवकुमार धारी पर अवैध कार्यों को संरक्षण देने का आरोप*
**ऐसे थानाप्रभारी के कारण पूरा खाखीवर्दी बदनाम होता है**
सारंगढ़ खबर न्यूज,सारंगढ़——–। ग्रापं धाराशिव थाने बिलाईगढ़ में पं. प्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा घोषित पूर्ण शराबबंदी के बावजूद, गाँव में खुलेआम शराब की बिक्री जारी है। ग्रामीणों ने इस अवैध गतिविधि के लिए थाने दार शिवकुमार धारी को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाए है कि – वे कोचियों को संरक्षण देकर पूरे गाँव को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं।
ग्रामवासियों का कहना है कि – पंचायत द्वारा सर्वसहमति से शराबबंदी लागू की गई थी, लेकिन थाना प्रभारी की मिलीभगत से गाँव में धड़ल्ले से शराब बिक रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि – जहाँ शराब की बिक्री हो रही है, वहीं पास में स्कूल स्थित है, जिससे स्कूली बच्चों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
सरपंच ने बताया कि केवल शिकायत को नजरअंदाज किया गया बल्कि – उन्हें धमकाया और चुप रहने के लिए डराया गया । यह व्यवहार न केवल लोक तांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की गरिमा का भी अपमान है। थाना प्रभारी का ड्राइवर शराब कोचियों से नियमित रूप से वसूली करता है जिस से यह स्पष्ट होता है कि – इस नेटवर्क को भीतर से संरक्षण प्राप्त है । थाना प्रभारी शिव कुमार धारी पर आए दिन लेन देन के आरोप लगते रहते है । जहां ग्रामीणों ने बताया कि शिवकुमार धारी को थाना बिलाईगढ़ से ट्रांसफर उपरांत अपने सोर्स का उपयोग कर यह थाना प्रभारी पुनः बिलाईगढ़ आने में सफल हो गया । लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी धारी विभन्न अवैध कार्यों को संरक्षण देकर मोटी रकम वसुली करते है इस लिए थाना बिलाईगढ़ को छोड़ना उन्हें गंवारा नही होता है ।
उल्लेखनीय है कि – एक ओर छग सरकार सुशासन की बात करती है वहीं दूसरी ओर ऐसे भ्रष्ट अधिकारी धरातल पर शासन के सारे सपनों और वादों पर पानी फेर देते है । विडम्बना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की पहुंच ऊपर तक होती है जिससे इनपर कार्यवाही नहीं हो पाती है। एसपी से की गई शिकायत ग्रामवासियों, पंचों व सरपंचों ने इस पूरे प्रकरण को लेकर एसपी आंजनेय वैष्णव को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें थाना प्रभारी शिवकुमार धारी को पद से हटाने, अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की माँग की गई है। ग्रामीणों ने चेताया है कि – यदि जल्द कार्यवाही नहीं की गई तो वे प्रशासन के खिलाफ बड़े आंदोलन की राह पर उतरेंगे । अब देखना यह होगा कि – ग्रामीणों की शिकायत पर जिला प्रशासन ऐसे भ्रष्ट प्रभारी पर क्या कार्यवाही करता है ।



